पिछले 22 सालो से इस देश का मुसलमान और हर समझदार धर्मनिरपेक्ष आदमी ये
कह रहा हैं लेकिन देश का कानून अँधा हैं वो सिर्फ जन भावनाओ को देख कर
फैसला देता हैं....
बाबरी मस्जिद को पूरी प्लानिंग के तहत संघ, शिवसेना ने ढहाया था, आडवाणी-नरसिम्हा सब जानते थे
6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद का ढांचा ढहाए जाने की घटना अचानक नहीं हुई थी बल्कि इसके लिए पूरी एक प्लानिंग बनाई गई थी. इस प्लानिंग के पीछे राष्ट्रीय सेवक संघ (आरएसएस) और शिवसेना के ट्रेंड कार्यकर्ता थे. यहीं नहीं मस्जिद ढहाए जाने की प्लानिंग की पूरी जानकारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, कल्याण सिंह और तत्कालीन शिवसेना अध्यक्ष बाल ठाकरे को थी.
बाबरी मस्जिद को पूरी प्लानिंग के तहत संघ, शिवसेना ने ढहाया था, आडवाणी-नरसिम्हा सब जानते थे
6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद का ढांचा ढहाए जाने की घटना अचानक नहीं हुई थी बल्कि इसके लिए पूरी एक प्लानिंग बनाई गई थी. इस प्लानिंग के पीछे राष्ट्रीय सेवक संघ (आरएसएस) और शिवसेना के ट्रेंड कार्यकर्ता थे. यहीं नहीं मस्जिद ढहाए जाने की प्लानिंग की पूरी जानकारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, कल्याण सिंह और तत्कालीन शिवसेना अध्यक्ष बाल ठाकरे को थी.
यह खुलासा कोबरा पोस्ट की ओर से किए गए एक स्टिंग ऑपरेशन से हुआ है.
स्टिंग के मुताबिक अयोध्या आंदोलन के मुख्य किरदार साक्षी महाराज, आचार्य
धर्मेंद्र, उमा भारती, महंत वेदांती और विनय कटियार को भी इस प्लानिंग की
जानकारी थी. स्टिंग में यह भी दावा किया गया है कि पूर्व प्रधानमंत्री
पीवी नरसिम्हा राव को भी इस घटना की जानकारी थी. मालूम हो कि अभी तक माना
जाता रहा है कि बाबरी मस्जिद के ढांचे को उन्मादी भीड़ ने ढहाया था.
कोबरा पोस्ट ने रामजन्म भूमि आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले 23 लोगों पर यह स्टिंग किया. स्टिंग के लिए अयोध्या, फैजाबाद, टांडा, लखनऊ, गोरखपुर, मथुरा, मुरादाबाद, जयपुर, औरंगाबाद, मुंबई और ग्वालियर में आंदोलन से जुड़े 23 लोगों का इंटरव्यू किया गया. स्टिंग के अनुसार ढहाने की योजना को संघ और शिवसेना के लाखों ट्रेंड कार्यकर्ताओं ने अंजाम दिया. मस्जिद ढहाने वाले कार्यकर्ताओं को बलिदानी जत्था का नाम दिया गया था.
स्टिंग के मुताबिक रामजन्मभूमि आंदोलन के दौरान मस्जिद को ढहाने के लिए बकायदा लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, अशोक सिंघल, गिरिराज किशोर और आचार्य धर्मेंद्र जैसे दिग्गजों के सामने लाखों कारसेवकों ने संकल्प लिया था. स्टिंग की मानें तो उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को जब यह पता चला की मस्जिद ढहाने का काम शुरू हो गया है तो उन्होंने 6 दिसंबर को सुबह ही इस्तीफा देने का मन बना लिया था, लेकिन इन्हें एचवी शेषाद्री और मुरली मनोहर जोशी ने कुछ देर रुकने के लिए कहा.
http://aajtak.intoday.in/story/uttar-pradesh-babri-demolition-planned-advani-narsimha-rao-knew-about-plan-1-759977.html
कोबरा पोस्ट ने रामजन्म भूमि आंदोलन में अहम भूमिका निभाने वाले 23 लोगों पर यह स्टिंग किया. स्टिंग के लिए अयोध्या, फैजाबाद, टांडा, लखनऊ, गोरखपुर, मथुरा, मुरादाबाद, जयपुर, औरंगाबाद, मुंबई और ग्वालियर में आंदोलन से जुड़े 23 लोगों का इंटरव्यू किया गया. स्टिंग के अनुसार ढहाने की योजना को संघ और शिवसेना के लाखों ट्रेंड कार्यकर्ताओं ने अंजाम दिया. मस्जिद ढहाने वाले कार्यकर्ताओं को बलिदानी जत्था का नाम दिया गया था.
स्टिंग के मुताबिक रामजन्मभूमि आंदोलन के दौरान मस्जिद को ढहाने के लिए बकायदा लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, अशोक सिंघल, गिरिराज किशोर और आचार्य धर्मेंद्र जैसे दिग्गजों के सामने लाखों कारसेवकों ने संकल्प लिया था. स्टिंग की मानें तो उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को जब यह पता चला की मस्जिद ढहाने का काम शुरू हो गया है तो उन्होंने 6 दिसंबर को सुबह ही इस्तीफा देने का मन बना लिया था, लेकिन इन्हें एचवी शेषाद्री और मुरली मनोहर जोशी ने कुछ देर रुकने के लिए कहा.
http://aajtak.intoday.in/story/uttar-pradesh-babri-demolition-planned-advani-narsimha-rao-knew-about-plan-1-759977.html
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