Tuesday, July 22, 2014
Aaj Ki Baat !
खुद अपने आप से अपने जुल्म को स्वीकारते संघी, वीएचपी गुंडे और खामोश बैठी व्यवस्था को आप क्या नाम देना चाहेंगे ? अभी दो दिन पहले अशोक सिंघल ने अल्पसंख्यकों से बहुसंख्यकों का सम्मान न करने के एवज में उनके वजूद के खत्म होने की चेतावनी दी थी। और आज तोगड़िया ने कहा कि गुजरात भूल गये मगर मुजफ्फरनगर तो याद होगा। एक लोकतांत्रिक देश में जिसका मीडिया सशक्त हो, उसमें आये दिन तथाकथित हिंदुत्व का दंभ भरने वाले अपने अतीत में किये पापों को बखान करते रहते हैं मगर अफसोस कहीं किसी के माथे पर एक शिकन तक नहीं आती। तोगड़िया खुद बता रहे हैं कि किस तरह मुजफ्फरनगर में उनके लड़ाकों ने निहत्थे मासूमों को मारा था। लेकिन फिर भी वे शान से जी रहे हैं। क्या न्याय पालिका से लेकर कार्यापालिका तक में इतनी भी हिम्मत नहीं की वह तोगड़िया जैसे जुबानी आतंकवादी को उठाकर जेल में डाल सके।
Aaj Ki Baat !
भूखे भक्त (लघु कथा)
कई दिन से ‘भक्त’ बहुत परेशान थे उन्हें उनका मन पसंद का भौजन मिले काफी समय गुजर गया था, यह भोजन किसी हांडी में नहीं बनता बल्कि ये दंगों की चाश्नी में लिपटा हुआ होता है, जिसमें मासूमों का खून, और महिलाओं के चीखने चिल्लाने की आवाज भी शामिल होती हैं, ये तथाकथित धर्माधिकारी भी उन धर्म के पुजारियों से अलग होते हैं जो किसी एकांतवास में पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर वासुधेव कुटुंबकुम का जाप करते हैं। मगर जिन्हें भूख लगी थी वे उनसे बिल्कुल अलग थे, उन्हें इससे मतलब नहीं था कि वासुधेव कुटुंबकुम क्या होता है ? उन्हें तो बस कुछ मासूमों का खून चाहिये, कुछ महिलाओं की जरूरत थी ताकि उनकी जिस्म की ज्वाला ठंडी हो सके, और तमाम उम्र फिर वे लोग वे उनके आतंक से सहमे हुऐ रहें । ये भक्त किसी भगवान रूपी दैवीय शक्ति के भी पुजारी नहीं थे बल्कि इन्होंने अपना भगवान तथाकथित धर्माधिकारी रूपी एक नेता को मान रखा था। वह था ही एसा जहां भी जाता अगले दिन वहां के भक्तों की भूख तो मिटती ही साथ ही चील, कौओं, गिद्धों, कुत्तों की भी भूख मिट जाती। कई दिन तक यह सिलसिला जारी रहता। आज भूखे भक्तों ने फिर उसी शख्स को बुलाया और उसने फिर अपने भाषण में खुद के भक्तों द्वारा किये गये अपने नरसंहार को दोहराया। मोहल्ले और गांव, बस्तियों, के लोग खौफजदा हैं, कहीं भूखे ‘भक्त’ उनकी बस्तियों की तरफ न आ जायें।
नोट - इस कथा का तोगड़िया के बयान से मेल खाना संयोग माना जायेगा।
कई दिन से ‘भक्त’ बहुत परेशान थे उन्हें उनका मन पसंद का भौजन मिले काफी समय गुजर गया था, यह भोजन किसी हांडी में नहीं बनता बल्कि ये दंगों की चाश्नी में लिपटा हुआ होता है, जिसमें मासूमों का खून, और महिलाओं के चीखने चिल्लाने की आवाज भी शामिल होती हैं, ये तथाकथित धर्माधिकारी भी उन धर्म के पुजारियों से अलग होते हैं जो किसी एकांतवास में पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर वासुधेव कुटुंबकुम का जाप करते हैं। मगर जिन्हें भूख लगी थी वे उनसे बिल्कुल अलग थे, उन्हें इससे मतलब नहीं था कि वासुधेव कुटुंबकुम क्या होता है ? उन्हें तो बस कुछ मासूमों का खून चाहिये, कुछ महिलाओं की जरूरत थी ताकि उनकी जिस्म की ज्वाला ठंडी हो सके, और तमाम उम्र फिर वे लोग वे उनके आतंक से सहमे हुऐ रहें । ये भक्त किसी भगवान रूपी दैवीय शक्ति के भी पुजारी नहीं थे बल्कि इन्होंने अपना भगवान तथाकथित धर्माधिकारी रूपी एक नेता को मान रखा था। वह था ही एसा जहां भी जाता अगले दिन वहां के भक्तों की भूख तो मिटती ही साथ ही चील, कौओं, गिद्धों, कुत्तों की भी भूख मिट जाती। कई दिन तक यह सिलसिला जारी रहता। आज भूखे भक्तों ने फिर उसी शख्स को बुलाया और उसने फिर अपने भाषण में खुद के भक्तों द्वारा किये गये अपने नरसंहार को दोहराया। मोहल्ले और गांव, बस्तियों, के लोग खौफजदा हैं, कहीं भूखे ‘भक्त’ उनकी बस्तियों की तरफ न आ जायें।
नोट - इस कथा का तोगड़िया के बयान से मेल खाना संयोग माना जायेगा।
Aaj Ki Baat !
आज - आज में केवल 110 फिलस्तीनी मारे गये हैं इजरायली हमलों में अब मरने वालों की संख्या साढ़े चार सौ के पास पहुंच गई है घायलों की संख्या दो हजार से ऊपर हो गई है। इजरायल ने गजा को तबाह करके रख दिया है। तुर्किस्तान रूपी छोटे से देश को छोड़कर बाकी सारे देश खामोश हैं, भारत का स्टेंड में निराला है इन्हें कातिल से भी हमदर्दी है और मृतकों से भी। हिटलर को आदर्श मानने वाला संघी कबीला आज सोशल साईटों पर We Stand With Israeil लिखता फिर रहा है पाकिस्तान यू एन ओ को तलाश कर रहा है, आईओसी को तलाश कर रहा है, बाकी अरब देश अमेरिका के सामने नतमस्तक हो गये हैं। मुझे सऊदी के अरब के पूर्व राजदूत व शायर गाजी अल कसीबी की उस नज्म की पंक्ति आज अपना असर खोता दिख रही हैं जिसमें उन्होंने इजरायल को ललकारते हुऐ एक बार कहा था कि, अगर ये डेढ़ अरब मुसलमान एक साथ होकर चीखना शुरु कर दें तो इजरायल में भूकंप आ जायेगा। अगर ये एक साथ इजरायल की तरफ को कूच कर दें तो दुनिया की कोई ताकत इनके कदमों को नहीं रोक सकती, अगर ये एक साथ इकट्ठा होकर रोना शुरु कर दें तो इजरायल में इनके आंसुओं से सैलाब आ जायेगा। जाहिर है इन पंक्तियों में एक सच्चाई छिपी हुई थी। मगर सवाल यह पैदा होता है कि आज स्थिती कैसी है ? इजरायल अपनी मर्जी से निहत्थे और मासूमों फिलस्तीनियों पर बम बरसाता है फिर अपनी ही मर्जी से बंद हो जाता है। मगर दुनिया के किसी कोने में कहीं अफसोस होता नजर नहीं आता। क्या इन मासूम फिलस्तीनियों का खून इतना सस्ता है कि दुनिया का कोई मुल्क इनकी लाशों पर अफसोस जाहिर करना भी मुनासिब नहीं समझता ?
Aaj Ki Baat !
आज - आज में केवल 110 फिलस्तीनी मारे गये हैं इजरायली हमलों में अब मरने वालों की संख्या साढ़े चार सौ के पास पहुंच गई है घायलों की संख्या दो हजार से ऊपर हो गई है। इजरायल ने गजा को तबाह करके रख दिया है। तुर्किस्तान रूपी छोटे से देश को छोड़कर बाकी सारे देश खामोश हैं, भारत का स्टेंड में निराला है इन्हें कातिल से भी हमदर्दी है और मृतकों से भी। हिटलर को आदर्श मानने वाला संघी कबीला आज सोशल साईटों पर We Stand With Israeil लिखता फिर रहा है पाकिस्तान यू एन ओ को तलाश कर रहा है, आईओसी को तलाश कर रहा है, बाकी अरब देश अमेरिका के सामने नतमस्तक हो गये हैं। मुझे सऊदी के अरब के पूर्व राजदूत व शायर गाजी अल कसीबी की उस नज्म की पंक्ति आज अपना असर खोता दिख रही हैं जिसमें उन्होंने इजरायल को ललकारते हुऐ एक बार कहा था कि, अगर ये डेढ़ अरब मुसलमान एक साथ होकर चीखना शुरु कर दें तो इजरायल में भूकंप आ जायेगा। अगर ये एक साथ इजरायल की तरफ को कूच कर दें तो दुनिया की कोई ताकत इनके कदमों को नहीं रोक सकती, अगर ये एक साथ इकट्ठा होकर रोना शुरु कर दें तो इजरायल में इनके आंसुओं से सैलाब आ जायेगा। जाहिर है इन पंक्तियों में एक सच्चाई छिपी हुई थी। मगर सवाल यह पैदा होता है कि आज स्थिती कैसी है ? इजरायल अपनी मर्जी से निहत्थे और मासूमों फिलस्तीनियों पर बम बरसाता है फिर अपनी ही मर्जी से बंद हो जाता है। मगर दुनिया के किसी कोने में कहीं अफसोस होता नजर नहीं आता। क्या इन मासूम फिलस्तीनियों का खून इतना सस्ता है कि दुनिया का कोई मुल्क इनकी लाशों पर अफसोस जाहिर करना भी मुनासिब नहीं समझता ?
Aaj ke Baat !
लोगो का कहेना है की जो लोग अंग्रेजी बोलते है वो बहुत समझदार और पढ़े लिखे होते है।आज पहेली बार एक ऐसा इंसान देख रहा हूँ जिसके मन में तिरंगे का अपमान तो भरा हुआ है और अपनी संघी मानसिकता को भी दिखा रहा है तुम जैसे घटिया लोगो की वजहा से हिन्दुस्तान की धज्जियाँ उड़ी हुई है सबसे ज्यादा तुम मक्कारो ने विदेशों में पैसा जमा किया है और अवाम को मज़हब के नाम पर उलझा रक्खा है कभी झंडे के नाम पर उल्लू बनाते फिरते हो और अपने आपको हिन्दू भाई लोगो का अलमदार कहेते हो तुम जैसे लोगो ने मुल्क़ को सिर्फ दंग्गा और नफ़रत ही दिया है मज़हब के बीच में एक ऐसी राजनीति खेली है की आम इंसान तुम्हारी मक्कारी में आ जाता है अगर तू झंडा हर तरफ फैरायेगा तो इस बार 15 अगस्त को लाल किले पर फहेरा देना दिखा देना की जो कहा वो कर के दिखा दिया मियां औकात के अन्दर बात किया करो औकात वाली बात पूरी हो जाती है उसके बाहर की बात न किया करो नहीं तो नेकर फट जाती है अपने अलम्दारो से कहो विकास के पापा कहाँ है कब आएगा विकास कहाँ है विकास किधर जा कर चुप गया विकास अपनी ज़ात दिखाना शुरू कर दिया।भाई मुहं से बात अच्छी लगती है। वो जगह रिया ख़ारिज करने की है।इसलिए मुहं से बात किया करो। नहीं तो एक दिन जनता तुमको सड़को पर कुत्ते की तरहा पिटेगी उस दिन तुमको पता चलेगा की कहाँ से क्या किया जाता है समझ गए संघियों की गुलामी छोड़ो गाँघी वादी न बन सको तो कम से कम हिन्दुस्तानी ही बन कर दिखा दो मियां
Aaj Ki Baat !
और इसी गहमागहमी के बीच एक और शर्मनाक कुकर्म किया है शिवसेना के सांसदों ने उन्होंने महाराष्ट्र सदन में मुस्लिम कर्मचारी को जबरदस्ती रोटी खिला उसका रोज़ा तुड़वाया। जाहिर है यह कार्य कोई अनपढ़ या मानसिक रूप से गुंडा करता तो इस पर इतना अफसोस न होता मगर ये कार्य उन लोगों ने किया है जो भारत जैसे विशाल देश की पंचायत के सदस्य हैं। ........ अच्छे दिन की तमन्ना रख के इन जैसे सामाजिक गुंडों को वोट देने वालों ... लानत है तुम पर ...
Tuesday, July 15, 2014
Monday, July 14, 2014
Aaj Ki Baat !
क्या आप जानते है .
इसराइल देश कैसे बना ??
..
बरसो पुरानी बात है हिटलर नाम का एक
आदमी था वो यहूदी कोम से
इतना जलता था की उसने ना जाने कितने
यहूदियों को क़त्ल
करवा दिया ..कभी ट्रेन में सारे
यहूदी को बिठाकर उन्हें एक तहखाने में ले
जाकर जेहरिली गैस से मारता तो कभी दर्दनाक
मोत देकर मारता ...
..
हिटलर के ज़माने में यहूदी को अपनी जान के लाले
पढने लगे ..तब ये
फिलस्तीन की और भागे और फिलस्तीन के
मुसलमानों ने इनको शरण दी ..
लेकिन ये यहूदी हरामी कोम हमारे टुकड़े पर पलने
के बावजूद हमारी जमीन
हथियाकर हमसे बगावत करने लग गए ...
..
ये सूअर से भी बदतर कोम है ...जिसने
मुसलमानों के साथ गद्दारी की ..
..
और आज इसका नतीजा ये है की इसराइल ने
हमारे 100 मुसलमान भाई
को शहीद कर दिया ..
...
जिसमे बच्चे ..औरते बूढ़े शामिल है ...
लेकिन पूरी दुनिया के 55 इस्लामिक देश अपने
मूह पर ताला लगाकर बेठे
है ...ये अपनी गहरी नींद से कब बेदार होंगे ...
..
या अल्लाह इन 63 देशो के हुक्मरान
को जगा दे ..
Aaj Ki Baat !
इसराईली यहूदी पहाडियोँ से गाजा नरसंहार देखकर नाचते कूदते और जश्न मनाते हैँ इसके लिए नितिनयाहु सरकार ने उनके मनोरंजन का भरपूर इंतजाम कर रखा है ??
UN-अध्यक्ष ((कोरियन-नजाद)) "बानकी मून"" को इराक मे इंसानियत खतरे मे नजर आती है लेकिन गाजा मे वो हमास से कहता है कि वह राकेट हमले रोक दे??
युरोपीय सँघ अधयक्ष अपनी मीटिँग के बाद ऐलान करता है कि आतँकियो पर इसराईली हमले जारी रहने चाहिए नागरिकोँ की अनदेखी न हो ??
"बर्मा" "श्रीलँका" और "मध्य अफ्रीका" मे जो हो रहा है वो सभी विकसित सभ्यता के प्रतीक हैँ ??
चीन मे रोजे रखने पर पाबंदी है क्योँकि मुसलमानोँ को तँग किये बिना उसका विकास भी संभव नहीँ ??
युरोप के कई देशोँ मे "ईसाई-नन" बिना स्कार्फ "राहिबा" नही कहलायेगी लेकिन मुस्लिम स्वेच्छा से भी स्कार्फ नही लगा सकती क्योँकि विकास बाधित हो जायेगा.??
लिखने के लिए तो बहुत कुछ है लेकिन वक्त कम है !!
मुसलमानोँ अपने हौसले कायम रखो वहदानियत की रस्सी मजबूती से पकड लो अपने "असलाफ" के 1400-साल पुराने दीन को जिन्दा करो किसी विकसित इसलाम की तमन्ना भी मत करना
क्योँकि आज की विकसित मानवता से "चंगेजियोँ" और "हलाकुओँ" की रूहेँ भी शर्म से मुँह छुपा रही हैँ
खुदा की कसम गुमराह होने के बावजूद हमारी इंसानियत इस रूऐ-जमीन की किसी भी इंसानी सभ्यता से लाख दर्जे विकसित और सभ्य है !!Faris Ansari Bagi
UN-अध्यक्ष ((कोरियन-नजाद)) "बानकी मून"" को इराक मे इंसानियत खतरे मे नजर आती है लेकिन गाजा मे वो हमास से कहता है कि वह राकेट हमले रोक दे??
युरोपीय सँघ अधयक्ष अपनी मीटिँग के बाद ऐलान करता है कि आतँकियो पर इसराईली हमले जारी रहने चाहिए नागरिकोँ की अनदेखी न हो ??
"बर्मा" "श्रीलँका" और "मध्य अफ्रीका" मे जो हो रहा है वो सभी विकसित सभ्यता के प्रतीक हैँ ??
चीन मे रोजे रखने पर पाबंदी है क्योँकि मुसलमानोँ को तँग किये बिना उसका विकास भी संभव नहीँ ??
युरोप के कई देशोँ मे "ईसाई-नन" बिना स्कार्फ "राहिबा" नही कहलायेगी लेकिन मुस्लिम स्वेच्छा से भी स्कार्फ नही लगा सकती क्योँकि विकास बाधित हो जायेगा.??
लिखने के लिए तो बहुत कुछ है लेकिन वक्त कम है !!
मुसलमानोँ अपने हौसले कायम रखो वहदानियत की रस्सी मजबूती से पकड लो अपने "असलाफ" के 1400-साल पुराने दीन को जिन्दा करो किसी विकसित इसलाम की तमन्ना भी मत करना
क्योँकि आज की विकसित मानवता से "चंगेजियोँ" और "हलाकुओँ" की रूहेँ भी शर्म से मुँह छुपा रही हैँ
खुदा की कसम गुमराह होने के बावजूद हमारी इंसानियत इस रूऐ-जमीन की किसी भी इंसानी सभ्यता से लाख दर्जे विकसित और सभ्य है !!Faris Ansari Bagi
Aaj Ki Baat !
जिस AK के खिलाफ कोई सबुत नहीं वो CIA एजंट और जो हाफिज सईद से मिले वो देशभक्त,?????
मोदिभाक्तों सालों डूब मरो चुलू भर पानी में। क्यूँ की तुम्हारे नाजायज पप्पा की इज्जत बनी रहे?
मोदिभाक्तों सालों डूब मरो चुलू भर पानी में। क्यूँ की तुम्हारे नाजायज पप्पा की इज्जत बनी रहे?
हाफिज सईद भारत के लिए मोस्ट वान्टेड आतकँवादी जबकि बाबा रामदेव के लिए बिशेष व्यक्ति।वैदिक को हाफीज के ह्दय परिवर्तन के लिए भेजा गया थाः।वैदिक जी के अनुसार हाफिज को मोदी जी की पाकिस्तान दौरे से कोई परेशानी नहीँ है।मेरा सवाल 1.क्या भारत इतना असहाय हो गया है कि हमारे PM को एक आतंकी सरगना से इजाजत लेनी पडेगी।यदि हाफिज मना करे तो मोदी जी पाकिस्तान नहीँ जायेगेँ। 2. बैदिक जी केवल पत्रकार नही है बाबा रामदेव के भारत स्वाभिमान के सर्मथक हैं और चुनाव मेँ हर मंच पर बाबा के साथ रहे तथा मोदी जी के लिए वोट मागेँ।और सरकार बनने के बाद वैदिक जी का एक मोस्टवान्टेड सरगना का ह्दय परिवर्तन करने जाना अपने मेँ एक सवाल छोडता है वैदिक जी बाबा के दूत थे भाजपा के या भारत सरकार के। 3. क्या वैदिक जी ने कभी भ्रष्टाचारी.बलात्कारी,माफिया सांसद जिन पर कि अदालत मेँ मुकदमेँ चल रहेँ है उनका ह्दय परिवर्तन करने का कोई इन्टरव्यू मीडिया मेँ या फेशबुक पर डाला।4. क्या वैदिक जी या बाब रामदेव जी ने किसी नक्सली संगठन से मिलकर उनका ह्दय परिवर्तन करने की कोशिस की। 5.क्या यदि हाफीज सईद का ह्दय परिवर्तन हो जाता है तो भारत सरकार एवं भारत का कानून उसे माफी दे देगा 6. क्या भारत सरकार,या भाजपा और बाबा रामदेव और हापीज सईद के बीच देश हित मेँ कोई खिचडी पक रही है जिसका ये मुलाकात एक ट्रेलर था।7. क्या ऐसा महसूस नही होता जैसे वैदिक जी ने एक प्रकार से एक आतंकी सरगना के सामने PM की यात्रा का जिक्र करके एक प्रकार से अनुमति मागने की कोशिस करके भारत का सर झुकाया। किसी राजनैतिक दल के नेता से मिलकर ये बाते होती तो आश्चर्य नही होता। 8 . भाजपा और RSS इस मुलाकात को किस द्ष्टि से देखती है तथा मीडिया मंडी मे इस पर बडी बहस होती है या नही। 9.आखिर सवाल क्या भारत की खूबिया एँजेसीज को इस मुलाकात के बारे मेँ पता था या मीडिया मेँ आने से पहले पता चल चुका था।
Aaj Ki Baat !
विश्व के लोगो की सहानभूति बटोरने के लिए नकली जख्म बनाती इस्राइली सैनिक
गाजा पट्टी पर जारी इस्राइली हमलों के बीच दुनिया भर में विरोध का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। हमले का विरोध सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक में खूब चर्चित हो रहा है। अब फिलीस्तीन और इस्राइल के बीच प्रॉपेगैंडा वॉर भी छिड़ चुका है।
सोशल साइट्स पर इन्हीं ऐक्टिविटीज के बीच एक अलग तरह की तस्वीर भी चर्चा में है। इस तस्वीर में इस्राइली सेना की वर्दी पहले दो महिला सैनिकों को दिखाया गया है।
तस्वीर में एक महिला सैनिक दूसरी सैनिक के शरीर पर रंगों की सहायता से जख्म बनाती नजर आ रही है। हालांकि यह तस्वीर कितनी सच है इसपर अभी भी संशय है।
12 जुलाई को पोस्ट की गई इस तस्वीर को 20 घंटे से भी कम वक्त में 11 हजार 166 रीट्वीट मिल चुके हैं। 2,524 लोगों ने इसे फेवरिट मार्क भी किया है। इस्राइल और फिलीस्तीन के बीच टकराव का विरोध मानवाधिकार संगठनों के साथ पत्रकारिता जगत, छात्र संगठनों में भी दिखाई दे रहा है।
Sunday, July 13, 2014
Aaj Ki Baat !
मैं क्या कहूँ फिलिस्तीन पर इज़राईली बमबारी की शैतानी काररवाई पर ...... मैं उस अंधी मीडिया को बहुत कोस चुका जो फिलिस्तीन के बेगुनाह मासूमो की मौत पर पिछले 65 सालों से इसलिए खामोश रहती है, क्योंकि उसके लिए हर मुसलमान आतंकवादी होता है, भले ही वो 6 महीने का दुधमुहा बच्चा क्यों न हो
या फिर मैं इस्लाम विरोधी ताकतों यानी अमेरिका और इजराइल पर लानत भेजा करूं, जिनपर मेरी लानतों से कोई असर नही पड़ना ... क्योंकि इन हैवानो का तो मकसद ही यही है कि जुल्म की किसी भी हद तक निहायत बेशर्मी से जाकर मुसलमानों को कमजोर किया जाए
लेकिन मैं इन्हें क्यों कोसने दूं जब मेरे अपने ही सिक्के खोटे है .... कहने को दुनिया मे 57 इस्लामी मुल्क हैं, जो अपनी दबंगई और अपने सच्चे पक्के ईमान का ढोल पीटने से से नही अघाते ..... लेकिन देखो वक्त पड़ने पर कैसे सारे बुजदिल दुम दबाकर बैठे हैं ....... और कहाँ गए अपनी रोटी बोटी के इन्तज़ाम के लिए कौम को फिरको मे बांट कर खूनी जंगे करवाने वाले ढोंगी मुल्ला मौलवी .....?? मुसलमानो को मुसलमानो के खिलाफ जिहाद के फतवे देने वालो की जबान अब क्यों तालू से चिपक गई ....... क्या ये सिर्फ कौम को तोड़ने के जिम्मेदार है... किसी मामले मे जोडने के नही ?
या फिर मैं इस्लाम विरोधी ताकतों यानी अमेरिका और इजराइल पर लानत भेजा करूं, जिनपर मेरी लानतों से कोई असर नही पड़ना ... क्योंकि इन हैवानो का तो मकसद ही यही है कि जुल्म की किसी भी हद तक निहायत बेशर्मी से जाकर मुसलमानों को कमजोर किया जाए
लेकिन मैं इन्हें क्यों कोसने दूं जब मेरे अपने ही सिक्के खोटे है .... कहने को दुनिया मे 57 इस्लामी मुल्क हैं, जो अपनी दबंगई और अपने सच्चे पक्के ईमान का ढोल पीटने से से नही अघाते ..... लेकिन देखो वक्त पड़ने पर कैसे सारे बुजदिल दुम दबाकर बैठे हैं ....... और कहाँ गए अपनी रोटी बोटी के इन्तज़ाम के लिए कौम को फिरको मे बांट कर खूनी जंगे करवाने वाले ढोंगी मुल्ला मौलवी .....?? मुसलमानो को मुसलमानो के खिलाफ जिहाद के फतवे देने वालो की जबान अब क्यों तालू से चिपक गई ....... क्या ये सिर्फ कौम को तोड़ने के जिम्मेदार है... किसी मामले मे जोडने के नही ?
Aaj Ki Baat !
एक तरफ फिलस्तीनी मारे जा रहे हैं जिनमें बूढ़े, बच्चे, जवान, सभी शामिल हैं। दूसरी ओर इनकी लाशों का मजाक उड़ाया जा रहा है इसमें मान्यता प्राप्त संघी हैं। ये प्रोफाईलों पर अधिकतर शिशू मंदिर लिखा हुआ है। ये वही लोग हैं जो बात – बात पर अलकायदा, लश्कर, जैश, इंडियन मुजाहिदीन को कौसते नहीं थकते। मगर इजरायली आतंकवाद से मरने वालों की मजाक उड़ा रहे हैं, तरह – तरह के कुतर्क देकर इन हत्याओं को तर्कसंगत ठहरा रहे हैं। एक पुलिस अधिकारी भी तीसरे दिन सिमी का हौवा ख़ड़ा करते थे मगर पिछले पांच दिनों इजरायली आतंकवाद पर उनको भी सांप सूंघ गया है। इनसे आप कैसी मानवता की उम्मीद रख सकते हैं ? यह कैसे मानवता के पुजारी हो सकते हैं ? जो मासूम बच्चों की लाश का मजाक उड़ा रहे हैं उन्हें आप आतंकवाद के किस खाने में रखोगे ? क्या ये उसी खाने में नहीं आने चाहिये जिसमें दो दिन पहले इजरायली द्वारा की जा रही बमबारी का यहूदी नागरिक लुत्फ उठा रहे थे ? आखिर ये तंज कसें भी क्यों नहीं क्योंकि जिनके आका को परवरिश इजरायल से मिलती हो वह इंसानियत की बात कहां करेंगे उन्हें तो लाशों से मतलब है और लाश भी सिर्फ मुसलमान की। क्योंकि राजनीति करनी है, क्योंकि लाशों का मजाक उड़ाकर दंगे भड़काने की तैयारी करनी है।
Sunday, July 6, 2014
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