Wednesday, April 23, 2014

Aaj Ki Bat !

हिंदुत्व की राजनीति को सेक्युलर करने की कोशिश

Aaj Ki Bat

हिंदुत्व की राजनीति को सेक्युलर करने की कोशिश

Monday, April 21, 2014

Aaj Ki Bat !

कहेते है गुजरात में मुस्लिम सुरक्षित है .....सुरक्षित नहीं दहेशत में है 
==========================

राजकोट. विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने चुनावी मौसम में मुसलमानों को निशाना बनाया है। तोगड़िया ने मुसलमानों को चेतावनी देते हुए कहा है कि वे हिंदू बहुल इलाकों से घर खाली करें। गुजरात के भावनगर में तोगड़िया ने शनिवार रात को विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर एक मुस्लिम बिजनेसमैन के घर के बाहर हंगामा भी किया। 

इस मुस्लिम बिजनेसमैन ने हिंदू बहुल क्षेत्र में हाल ही में घर खरीदा है। वीएचपी और बजरंग दल ऐसे सौदों का विरोध कर रहे हैं। तोगड़िया ने मुस्लिम बिजनेसमैन को 48 घंटों के भीतर खाली करने की धमकी दी और कहा यदि ऐसा नहीं किया गया तो उनके दफ्तर पर पत्थर, टायर और टमाटरों से हमला किया जाएगा। तोगड़िया ने हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं से कहा कि वे इस घर को अपने कब्जे में ले लें और इस पर बजरंग दल का बोर्ड टांग दें। गुजरात की यह इस घटना ऐसे समय में सामने आई है जब कौमी एकता पार्टी के नेता अफजाल अंसारी ने कहा है कि मोदी के राज में मुसलमान सुरक्षित रहेंगे। 

तोगड़िया ने कार्यकर्ताओं से कहा, 'हिंदू क्षेत्रों में मुसलमानों को संपत्ति खरीदने से रोका जाना चाहिए। इसके लिए दो तरीके हैं, पहला ये कि राज्य सरकार पर दवाब बनाया जाए कि वह डिस्टर्ब एरिया एक्ट बनाकर ऐसे सौदों पर प्रतिबंध लगाए औऱ दूसरा ऐसे घरों पर (मुस्लिमों द्वारा खरीदे गए) कब्जा कर लिया जाए और फिर सालों-साल कानूनी लड़ाई लड़ी जाए। कर लिया जाए और फिर सालों-साल कानूनी लड़ाई लड़ी जाए।

Aaj Ki Bat !


मोदी का चुनावो में विरोध करने वाले , उनको वोट न देने वाले, उनकी चड्डीधारी विचारधारा का विरोध करने वालो को पाकिस्तानी करार देने वालो को महाकवि रविन्द्रनाथ टेगोर का जवाब....

Aaj Ki Bat !

एक अकेले तोगडिया ही नहीं, बल्कि इस मानसिकता को खत्म करना होगा, मगर अहम सवाल यह है कि इसे खत्म करेगा कौन ?
अंधी, बहरी, गून्गी , न्यायपालिका का चाबुक तो केवल गरीब , असहाय, दलितों और मुसलमानों पर ही चलता है

Friday, April 18, 2014

Aaj Ki Bat !

आजम खान से न मुझे कोई लगाव है और न कोई हमदर्दी है उकसाने वाले और बेतुके बयान देने में आजम खान का कोई जवाब नहीं 

मैं बिन मांगी सलाह किसी को नहीं देता लेकिन आजम खान को ज़रूर देना चाहता हूँ सिर्फ एक दिन के लिए आजम खान को अपना नाम बदलकर ''अमित कुमार'' रख लेना चाहिए फिर वह कुछ भी कर लेने के लिए,कुछ भी बोलने के लिए उन्माद भड़काने के लिए स्वतंत्र होंगे और इस में उनकी मदद ''लोकतन्त्र'' और ''कानून'' करेगा 

जिस समुदाय के पास राजनैतिक संरक्षण नहीं होता है उसे दबाना,कुचलना,सज़ा देना सबसे आसन काम होता है आज भारत में हर समुदाय और हर जात विशेष की पार्टी है और उन्हें राजनैतिक संरक्षण है प्राप्त है कोई उन्हें छू भी नहीं सकता लेकिन मुस्लिमों की भारत में क्या स्तिथि है यह बताने की ज़रूरत नहीं जिस समुदाय के पास राजनैतिक संरक्षण होता है उसे पुलिस सेना,न्यायपालिका,प्रशासन हाँथ लगाने से पहले १००० बार सोचता है उसके हर बड़े से बड़े अपराध को माफ़ कर दिया जाता है 

बदकिस्मती से मुस्लिमों के पास कुछ भी नहीं बचा जो इलीट तबका और मुस्लिमों की रहनुमाई कर सकता था वह पाकिस्तान चला गया विभाजन के बाद मुस्लिम भारत में अनाथ हो गए और धीरे धीरे भारत में मुस्लिम गुलाम और बंधवा मजदूर बन गए 

यही कडवी सच्चाई है जिसे लोग न तो सुनना पसंद करते हैं न समझना और न देखना बस ग़लतफ़हमी ,भ्रम और खुशफहमी में जिंदगी जीना पसंद करते हैं

Aaj Ki Bat !

प्रिय 

वीएस संपत महोदय
मुख्य चुनाव आयुक्त, भारत सरकार
महोदय 
आज अखबार में पढ़ा कि भड़काऊ भाषण देने के मामले में भाजपा नेता अमित शाह पर लगे प्रतिबंध को आयोग ने वापस ले लिया है, वहीं दूसरी ओर यह भी लिखा था कि सपा नेता आजम खां पर प्रतिबंध बरकार रहेगा, कारण जो भी रहा हो, मगर आज़म ने गलत ही क्या कहा था ? जब तथाकथित राष्ट्रवादी यह कहते हैं कि मुसलमान अल्लाह हु अकबर का नारा देकर बम फोड़ते हैं तब कहीं से कोई आवाज नहीं उठती, जब उन्हें पाकिस्तानी कहा जाता है तब भी तमाम ऐजंसियां हरकत में नहीं आतीं उन लोगों की जुबां पर भी ताले लह जाते हैं जो दिन रात सैक्यूलरिज्म की दुहाई देते नहीं थकते. ऐसे में अगर आज़म ने कारगिल का उल्लेख करते हुऐ कह दिया कि वह जंग पाकिस्तान से भारतीय मुसलमानों ने अल्लाहु अकबर के नारे साथ जीती थी तो इसमें हर्ज क्या है ? मगर जिस शख्स को आपने माफी के काबिल समझकर उससे प्रतिबंध हटाया है आप यह क्यों भूल गये कि उसका दामन इशरत जहां, सादिक जमाल, सोहराबुद्दीन जैसे मासूमों के खून से रंगा है ? जबसे उसने बदला लेने की बात कही है तभी से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कुछ अजीब तरह की घटनाऐं सामने आ रही हैं, अभी चार दिन पहले की ही बात है मेरठ के मोदीपुरम में NH 58 पर स्थित पंडित ढ़ाबे पर हमारे कुछ साथी जिनमें दो मौलाना भी शामिल थे मुजफ्फरनगर से आते वक्त चाय पीने के लिये रुके थे वहीं पर कुछ लड़के आये और हमें चिढ़ाने की गरज से मुसलमानों पर भड़ास निकालते हुऐ अपश्ब्द कहने लगे, वे बार बार बदले वाले बयान की सराहना कर रहे थे। और आपने इस मानसिकता के जनक को माफी दे दी जो यकीनन उस मानसिकता को बढ़ायेगी जिनकी मानसिकता संप्रदाय विशेष के प्रती बदला लेने वाली है। आपको इतना तो इल्म होना ही चाहिये था कि आप एक ऐसे शख्स कको माफी दे रहे हो जिसके आने से उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिकरण तेजी से हुआ, और आये दिन समाचार पत्रों में शहरों के जलने की खबरें आने लगीं। फिर आपकी इस नर्मी को क्या माना जाये, एक शख्स शहीदों में मुसलमानों की हिस्सेदारी बताता है उसके बाद भी उस पर प्रतिबंध बरकरार रहता है, एक खुले आम बदला लेने को कहता है उसे बरी कर दिया जाता है यह तो न्याय नहीं हुआ आयुक्त महोदय। आपको यह भी इल्म होना चाहिये कि हर चुनाव में इन जैसों की गलतबयानी की वजह से जो माहौल खराब होता है उसका खामियाजा निर्दोष जनता को चुनाव के बाद सांप्रदायिक दंगों के रूप में भुगतना पड़ता है फिर क्यों आपने इतनी नर्मी से काम लिया ? क्या माफी मांगने से जुर्म कम हो जाता है ? अगर यह मान भी लिया जाये कि जुर्म कम हो गया तो फिर अदालत किसलिये है ? फिर तो हर अपराधी को छूट दे दी जाये कि वह माफी मांगे अगर ऐसा होगा तो जेल खाने भी भारत की जमीन से गायब हो जायेंगे ? मगर उस मानसिकता का क्या होगा जो इनके मुख से निकली जहरीली बात को ही ईश्वरीय वाणी से भी ज्यादा महत्तव देती है ? क्या आपने सोचा जब से बदला लेने वाला बयान आया है तभी से कुछ लोगों के हौसले बुलंद हैं ये लोग कौन हैं मुझसे बेहतर आप जानते होंगे ? बेहतर होता कि आप ऐसे शख्स को जिसके दिल में प्रतिशोध की ज्वाला भड़क रही हो उसे अंडमान निकोबार भेज देते ? आज फिर आपने देश के सैक्यूलर तबके और मुसलमानों को यह कहने का मौका दे दिया कि उनके साथ भेदभाव होता है, आखिर ये अस्थिर करने वाले निर्णय देकर भारत से कौनसी हमदर्दी का सबूत दे रहे हैं। 

आपका शुभांकक्षी
एक आम नागरिक

Aaj Ki Bat !

यदि आपने सत्य मेव जयते के आखिरी एपिसोड मे एक अपराधी नेता भैया राजा द्वारा बलात्कार कर के मार डाली गई बच्ची के माता पिता के आंसू देखे होंगे तो इस बात का फैसला आपने जरूर कर लिया होगा कि आप किसी अपराधी को वोट देकर सत्ता मे बलात्कारियो के समर्थकों को नहीं आने देंगे....

महिलाओं की सुरक्षा आज देश का एक बहुत सुलगता हुआ मुद्दा है, और बड़े अफसोस के साथ कहना पड़ेगा कि महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर काॅन्ग्रेस को घेरने वाली बीजेपी खुद महिलाओं की इज्जत के सवालों मे बुरी तरह घिरी हुई है .... 

अल्पसंख्यकों के विरुद्ध इसके द्वारा भड़काए गए दंगो मे हुए बलात्कारो को हम छोड़ देते हैं क्योंकि उन्हें तो इस पार्टी की "उपलब्धि" माना जाता है ... लेकिन आज ज़रा ये देखा जाए कि हिंदू बच्चियों, महिलाओं पर हुए अत्याचारों के प्रति ही बीजेपी कितनी संवेदनशील है ? क्या भाजपा के शासन मे हिन्दू बच्चियों की इज्जत सुरक्षित रहेगी और हिंदू महिलाओं की अस्मिता पर हुए हमले के आरोपियों को सजा बिना विलम्ब दिलवा दिया करेगी? 

आपको ये जानकर आश्चर्य होगा कि बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की अपनी गुजरात कैबिनेट मे एक तिहाई यानी हर तीसरा मन्त्री किसी न किसी आपराधिक केस मे नामजद है और इनमें से कईयो पर हत्या और बलात्कार जैसे गम्भीर अभियोग लगे हैं ... (http://m.thehindu.com/news/national/other-states/onethird-of-gujarat-mlas-face-criminal-cases-including-rape/article4235994.ece/?maneref=http%3A%2F%2Fwww.google.co.in%2Fsearch%3Fhl%3Den%26ie%3DISO-8859-1%26q%3Dgujrat%2Bbjp%2Brape)

लेकिन बलात्कार पीड़िताओ से सहानुभूति रखने या उनको न्याय दिलाने की चिंता करने की बजाय बीजेपी के रसूखदार इसे राजनीतिक साजिश बता कर पीड़ित को ही दोषी साबित करने मे लगे रहते हैं ।
जैसे जैसे गुजरात के अमरेली ग्राम पंचायत की एक सदस्या ने बीजेपी के एक MLA पर बलात्कार का आरोप लगाया लेकिन बिना कुछ देरी किए बीजेपी वालों ने इसे राजनीतिक साजिश बता दिया (http://zeenews.india.com/news/gujarat/gujarat-woman-alleges-rape-by-bjp-mla-17-other_746193.html)

मामला केवल ये है कि जिसकी लाठी उसकी भैंस की तर्ज पर इनका शासन चलता है ..... लेकिन ये लाठी आम हिंदू या गरीब जनता के पास न होकर रसूख वालों के साथ है ..... और ये रसूख वाले सबसे ज्यादा खून पीते हैं आम और गरीब हिंदू जनता का ही

अपनी अनेक बालिग नाबालिग "शिष्याओ" (सारी हिन्दू बच्चियां और हिन्दू महिलाएं थीं ) के बलात्कार करने वाले आसाराम का केस अभी ताजा ही है
नाबालिग बच्ची के बलात्कार का मामला सामने आने के बाद कई ओर से कई महिलाएं इस बात का खुलासा कर रही थीं कि आसाराम ने उनके साथ उन्हें झांसे मे डालकर बलात्कार किए वहीं दूसरी ओर बीजेपी के दिग्गज नेताओं द्वारा लगातार आसाराम को निर्दोष बताया जा रहा था
भाजपा नेत्री उमा भारती, भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय और प्रभात झा आसाराम के सपोर्ट मे खड़े हो गए थे इतना ही नही बल्कि गुजरात मे सुब्रह्मण्यम स्वामी का फोटो लगे पोस्टर भी ट्रेन मे लगाए गए थे जिनमें आसाराम पर लगे अभियोगो को झूठा बताया गया था ।जिन हिंदू महिलाओं की इज्जत आसाराम ने लूटी उनको न्याय दिलवाना दूर, इन बीजेपी नेताओं ने उन औरतों को ही झूठा साबित करना चाहा था 

यदि ऐसे लोगों को किसी भी लालच मे सत्ता मे लाया जाता है, तो खुद तमाम हिन्दू महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था का क्या हाल होगा सोचा जा सकता है ।

Friday, April 11, 2014

Aaj Ki Bat !


पता नहीं सियासत ने मुस्लिमो को क्या समझ रखा हैं ...

कोई मुस्लिमो की खिलाफत पर जिन्दा हैं तो कोई मुस्लिमो के भरोसे पर जिन्दा हैं मगर मुस्लिमो के पास उम्मीदों के सिवा जिन्दा रहने की कोई वजह नज़र नहीं आती इस मुल्क में मुस्लिमो के अलावा भी कोई और मुद्दे हैं या नहीं सियासत करने के लिए, रोज अखबार उठता हूँ, टीवी चलाता हूँ, फेसबुक पे आता हूँ तो मुस्लिम, मुस्लिम, मुस्लिम

मतलब मुस्लिम न हुए शेरेलेक होम्स की फिल्म हो गए जिसका हर सीन सनसनीखेज और रोमांच से भरपूर, मीडिया मुस्लिमो की सामान्य जीवन शैली को भी धार्मिक चश्मे से देखता हैं जैसे किसी भी दाढ़ी वाले ने अपने हलके पन की वजह से कोई उल-जुलूल बयान दिया नहीं के पूरा का पूरा मीडिया जुट जाता हैं उसे फतवा बनाने में, उसे फतवा दिखाने में, भाई जैसे सिर्फ लाल बत्ती लगा लेने से कोई कलेक्टर नहीं हो जाता उसी तरह दाढ़ी रख लेने से कोई मौलाना या मुफ़्ती नहीं हो जाता, और मौलाना मुफ़्ती भी तो गलती कर सकते हैं मगर इसे सारे मुस्लिम समाज से जोड़कर देखना गलत हैं ऐसी उल जुलूल बातो को इस्लाम मानना गलत हैं, मीडिया के इस रवैये से ये अहसास होता हैं की मीडिया एक सुनियोजित तरीके से मुस्लिमो के विशवास को कमजोर करने की कोशिश कर रहा हैं यहाँ मैं सभी जिम्मेदार व्यक्तियों से आत्म मंथन की अपील करता हूँ

अब बात सियासत की तो आज़ादी के बाद से सियासत से जितने जख्म मुस्लिमो ने खाए हैं शायद उतने किसी ने नहीं, हमारे यहाँ के सियासतदारो को मुस्लिमो के नाम से एक ऐसा झुनझुना मिल गया जिससे वो इस मुल्क के हर इन्कलाब को दबा सकते हैं, दलित क्रांति को रोक सकते हैं, हुकूमत के खिलाफ हर आवाज़ को मिटा सकते हैं, समाजवाद और मार्क्सवाद को रोक सकते हैं , हर राष्ट्र व्यापी मुद्दे की हवा निकाल सकते हैं, इन सियासत दारो पर कोई भी मुसीबत आती हैं तो सिर्फ इतना करना होता हैं की या तो मुस्लिमो की खिलाफत कर दे, या मुस्लिमो की हित में किसी योजना की घोषणा कर दे इसके बाद क्या होता हैं वो कहानी कहने की जरुरत नहीं, पर इतना कहूँगा के मुस्लिम नाम के झुनझुने को बजाकर यहाँ के सियासत दार अपने हर गुनाह धो देते हैं और अपना भविष्य चमका देते हैं तो यहाँ मैं कहना चाहता हूँ के सियासत दार भारत के सविधान के हिसाब से मुस्लिमो को सिर्फ इस देश का नागरिक माने मुस्लिम नहीं तो मुस्लिमो की जिन्दगी में थोडा चैन और सुकून आ सकता हैं

और मुस्लिमो की इस बेहूदा हालत की वजह के जिम्मेदार सबसे ज्यादा खुद मुस्लिम ही हैं मुस्लिम अपने दायरों में इतना ज्यादा सिमट गए हैं की बाहरी दुनिया से इन्हें खौफ महसूस होता हैं तो ये दुनिया में आने वाले बदलावों को नकार देते हैं या यूँ कहूँ के मुस्लिम दुनिया में होने वाले परिवर्तनों की समीक्षा अधिकतर नकारात्मक रूप से करते हैं यही से वो मानसिक रूप से पिछड़ जाते हैं और यही पिछड़ापन हमें मुस्लिमो की अधिकतर आबादी में सभी क्षेत्रो में नज़र आता हैं, और इसी पिछड़े और संकुचित व्यवहार के कारण दुसरे धर्मो के लोगो के लिए मुस्लिम जीवन और धर्म सहज जिज्ञासा का विषय बन जाता हैं और इसी का फायदा मीडिया और सियासत अपने नफे नुक्सान के लिए करती हैं

इस देश के हर नागरिक को मिलकर जात, मज़हब, रंग, जगह, जबान, और लैगिक आधार पर होने वाले किसी भी तरह के भेदभाव को जड़ से ख़त्म करना चाहिए

'आबिद'

Thursday, April 10, 2014

Aaj Ki Bat !

आजम खान का यह बयान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और अति निंदनीय भी आजम खान ऐसे बेतुके बयान और फालतू बकवास वाले के बयान करने के चैंपियन माने जाते हैं भारतीय सेना के पराक्रम शौर्य,त्याग,बलिदान,वीरता को धर्म के आधार पर नहीं बाटा जा सकता है

जो जीवन देश के काम आता है वह जीवन सबसे उत्तम होता है और वह माँ बहुत महान होती है जो शहीदों को जन्म देती है

क्या अशफाक और बिस्मिल की दोस्ती और उनके बलिदान को धर्म के आधार पर बांटने की मूर्खता कोई कर सकता है ????

लेकिन थोडा इस पर भी गौर करिए मैं आजम खान के इस बेतुके और दुर्भाग्यपूर्ण बयान को जस्टिफाई नहीं करता लेकिन जो लोग भी भारत में मुस्लिमों की स्तिथि से पूरी तरह वाकिफ है

क्या यह सच नहीं की आज के समय में मुस्लिम होना किसी अपराधी या अपराध बोध जैसा नहीं ?????

क्या यह सच नहीं की आज मुस्लिमों को बहुत ज्यादा दबाया और कुचला जा रहा है ????

क्या यह सच नहीं की मुस्लिमों को २४ घंटे और ७ दिन अपने गले में ''देशभक्ति'' का सर्टिफिकेट डाल कर नहीं घूमना पड़ता है ?????

क्या यह सच नहीं की कदम कदम पर मुस्लिमों को भारत से अपनी वफादारी साबित करने को कहा जाता है ?????

क्या यह सच नहीं की मुस्लिमों को पैदाएशी 'गद्दार','आतंकवादी','राष्ट्रविरोधी' समझा जाता है ????

क्या यह सच नहीं की मुस्लिमों को घर,दूकान,कारोबार,प्रॉपर्टी खरीदने में बहुत ज्यादा अपमान और भेदभाव झेलना पड़ता है ????

क्रिकेट जैसा वाहियात,बकवास खेल जो वैचारिक मूर्खता,वैचारिक पतन का प्रतीक भी है इस बकवास खेल को ''राष्ट्रवाद'' और ''देशभक्ति'' का पैमाना बना कर जब आत्मसात किया जाता है जब भारत और पाकिस्तान बीच हुडदंग होता है तो क्या यह जानबूझकर मुस्लिमों से यह नहीं पूछा जाता है की वह किसके समर्थन में हैं ?????

ब्रिगेडियर उस्मान,अब्दुल हमीद,कैप्टेन सलाहुद्दीन,कैप्टेन हनीफुद्दीन,मोहमम्द सलीम खान ऐसे तमाम लोगों की लिस्ट है हैं जिन्होंने सरहद पर लड़ते हुए कुर्बानी दी उनके योगदान को कितने लोग जानते हैं ????

क्या यह सच नहीं की आज के समय में सेना,पुलिस,प्रशासन,ख़ुफ़िया विभाग में कट्टर मुस्लिम विरोधी मानसिकता रखने वाले लोग घुस आये हैं ?????

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा स्थापित की गयी आज़ाद हिन्द फ़ौज में ४० % मुस्लिम थे और आज़ाद हिन्द फ़ौज में सैनिकों के भर्ती करने का काम गुलाम हुसैन रंदेरी का था गुलाम हुसैन रंदेरी सूरत गुजरात के थे यह बात कितने लोग जानते हैं ??????

सवालों से मूंह मत मोडियेगा जवाब बहुत ज़रूरी है ग़लतफ़हमी,भ्रम और खुशफहमी से बाहर आईये ज़मीनी हकीकत और कडवे सच का सामना करना सीखिए

ज़ख्म बहुत सारे हैं और बहुत ही गहरे हैं बस कभी कभी हरे हो जाते हैं एक दिन के लिए अपने नाम के आगे ''खान,मोहम्मद,अंसारी,हुसैन,अली,अहमद,शेख'' जैसे उपनाम लगा लीजिये हकीक़त खुद बा खुद अपने आप सामने आ जाएगी

अपराध एक जैसा होने पर भी सज़ा अपराधी के नाम से ही तय होती है स्टार्टिंग लाइन कभी एक होती ही नहीं

Aaj Ki Bat !

चड्डीधारी या तो अपने आप को ज्यादा होशियार समझते हैं या इस देश के हिन्दुओ को उल्लू क्योंकि ऐसी ऐसी झूठी बातें, किस्से कहानिया सोशल मीडिया पर चलाते हैं जिनमे सच्चाई न के बराबर होती हैं लेकिन वो जानते हैं की एक झूठ को बार बार बोला जाय जो उनके भगवान मोदी का हथियार हैं तो धीरे धीरे लोग यकीन करने लग जाते हैं..

ऐसा ही एक झूठ मुस्लिम रेजिमेंट को लेकर हैं.....जब भी मुस्लिमो के सेना में योगदान की बात आती हैं एक पुरानी झूठी और मनगढ़त कहानी सुनाना शुरू कर देते हैं जिसको हमे पहले भी कई बार एक्सपोज्ड किया की भारतीय सेना में आज दिन तक मुस्लिम रेजिमेंट बनी ही नहीं हैं और अगर बनी हैं तो उसका रिकॉर्ड भारतीय सेना के रिकॉर्ड में क्यों नहीं हैं जब भारतीय सेना की किसी वेबसाइट, किताब में इसका जिक्र नहीं हैं तो इन संघियों को राम लला की तरह मुस्लिम रेजिमेंट के प्रकट होने का खवाब कहाँ से आया...

दरअसल ये इनके हजारो झूठो में से एक झूठ हैं जो भोले भाले हिन्दुओ के दिलो में मुस्लिमो के प्रति ज़हर घोलने वाली साज़िश का हिस्सा हैं ताकि हिन्दू वोटो का धुर्विकरण और इनकी दंगाई पार्टी बस जीत जाए....

Aaj Ki Bat !

10 साल से जारी घोटाले, भ्रष्टाचार और महंगाई के त्रस्त एक तबक़ा केजरीवाल को अपना नायक मानता है। इन तमाम सवालों को उठाते हुए केजरीवाल ने कांग्रेस की जमकर ख़बर ली। सोनिया, शिंदे, सलमान जैसों के खिलाफ तबीयत से मोर्चा खोला लेकिन इस दौरान उनपर शारीरिक हमला नहीं हुआ।

केजरीवाल अब कांग्रेस को पीछे छोड़ बीजेपी पर निशाना साध रहे हैं। डेढ़ महीने से लगातार नरेंद्र मोदी को घेर रहे हैं और कई बार हिंसा का शिकार हो चुके हैं। कांग्रेस और बीजेपी में कम से कम यह बुनियादी फ़र्क़ है। कांग्रेस बड़े-से-बड़े हमले और आलोचना को हवा में उड़ा देती है जबकि बीजेपी पर सवाल की कीमत थप्पड़ और हिंसा से चुकानी पड़ती है।

Wednesday, April 9, 2014

Aaj Ki Bat !

पांचवीं तक पढ़ी उमा भारती ...  
कमाल है पाचवी पढ़े लोग ...किस किस पर राज करेगे ...सोचो सोचो 

मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा प्रत्याशी उमा भारती की संपत्ति में बीते दो वर्षों में 48.48 लाख रुपये का इजाफा हुआ है। उमा ने 2012 में चरखारी विधानसभा चुनाव में 95.27 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति दर्शाई थी। जबकि, शुक्रवार को उन्होंने लोकसभा चुनाव के नामांकन में 1.43 करोड़ रुपये की संपत्ति का ब्योरा दिया है। इनमें छह किलो वजन के सोने-चांदी के बर्तन एवं भगवान के गहने हैं, जिनका मूल्य 35 लाख रुपये आका गया है। भाजपा प्रत्याशी उमा भारती पांचवीं पास हैं।

Aaj Ki Bat !

यह बात कितने लोग जानते हैं ?????
यह नारा जो अक्सर आपको पुलिस और सेना के लोगों के बीच सुनायी देता है ''जय हिन्द'' किसने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस को दिया था ??????
क्या जानते हैं आप ??????
''जय हिन्द'' का यह नारा नेताजी सुभाष चन्द्र बोस को किसी और ने नहीं बल्कि आबिद हसन सफरानी ने दिया था
आबिद हसन सफरानी की मुलाकात नेताजी से जर्मनी में हुई थी आबिद हसन सफरानी जर्मनी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे और वहीं उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़कर आजाद हिन्द फ़ौज ज्वाइन की थी
बाद में चलकर आबिद हसन सफरानी नेताजी के पर्सनल सेक्रेटरी भी बने थे और आबिद हसन सर्फानी आजाद हिन्द फ़ौज में मेजर थे
और उन्होंने अपने नाम आबिद हसन के आगे ''सफरानी'' शब्द इसलिए जोड़ा था ताकि हिन्दू मुस्लिम एक साथ मिलकर अंग्रेजों को भारत से खदेड़ सकें सफरानी का मतलब होता है ''भगवा''
विडम्बना देखिये आज़ादी की लडाई के दौरान अंग्रेजों की गुलामी करने वाले और लिख लिख क्र माफ़ी मांगने वाले आरएसएस,बीजेपी ने नेताजी जी को अपनी अधिकारिक वेबसाइट पर ''हिंदुत्व'' का समर्थक और वाहक घोषित कर रखा है
अब ज़रा बताईये तो क्या किसी के वफादारी उसके धर्म या जात के आधार पर तय की जा सकती है ??????

Aaj Ki Bat !


विष्णु गुप्ता जैसे टुच्चे और सड़क छाप गुंडों को जब आरएसएस और भाजपा का समर्थन मिलता हैं तब ये कभी प्रशांत भूषण जैसे सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील की ऑफिस में गुस्स कर मारपीट करते हैं, कभी संसद में गुसने की कोशिश करते हैं और कभी किसी पर भी स्याही फेंक देते हैं ....फिर कुछ नहीं होता इनका .....क्योंकि देश का क़ानून जनभावनाओ को देख कर फैसला करता हैं और पुलिस इनसे डरती हैं....अगर इन टुच्चो की जगह कोई मुसलमान लड़का होता तो अब तक आतंकवादी घोषित कर फांसी पर लटका देता इस देश की नपुसंक कानून वयवस्था...

इनके इरादे और सोच देखिये....इनको खुद के बाप का तो सहीं ढंग से पता नहीं हैं लेकिन मुसलमानों को बाबर और औरंगजेब की औलादे और न जाने क्या क्या कहते हैं...अरे सुवर अपनी फेसबुक वाल पर फोटो एडिट कर के लगा देने और गालिया लिख देने से कोई बहादुर नहीं बन जाता ....बेटा जितना समर्थन तुम जैसे टुच्चो को मिला हुआ उसका आधा समर्थन भी इस देश के मुस्लिम युवाओं को मिल जाए तो तुम फेसबुक पर तो क्या सपनो में भी मुस्लिमो को गालिया देने से पहले पतलून आगे से गीली और पीछे से पीली कर दो...

अगर इस देश में शान्ति बनाये रखनी हैं और हिन्दू मुस्लिम के बीच सदियों से चली आ रही गंगा जमुनी तहज़ीब को जिन्दा रखना हैं तो इस देश के बहुसंख्यक समाज को ऐसे गुंडों का बहिष्कार करना पड़ेगा....

Aaj Ki Bat !


भगवा आतंक ......मीडिया इन देशभक्तों का प्रचार नहीं कर रही ....

महाराष्ट्र के कोल्हापुर में लक्ष्मी हिल के पास कागळ टाउन में बॉम्ब ही नहीं,
बल्कि बॉम्ब बनाने की पूरी फैक्ट्री पकड़ी गयी है.

पुलिस ने बॉम्ब बनाने का सामान जब्त किया है.
अरेस्ट किये गये आतंकवादियों के नाम हैं

1) अजींक्या मनोहर भोपड़े
2) अनिकेत भिवाजी माली 3) निलेश बबंराओ पाटील
4) अनिल पोपट खारसे. सभी की उम्र 20 से 26 साल के बीच है.
कागळ डिस्ट्रिक्ट कर्नाटक के बॉर्डर के पास है, 
के अनुसारकर्नाटक मे ही रामसेने के मुखिया ने आत्मघाती दस्ते तैय्यार किये हैं.
मुझे याद है बॉल ठाकरे का बयान जिसमे उसने कहा था क
हमारे फिदायीन कुछ भी करने को तैय्यार हैं.
अब मीडिया इन आतंकवादियों पर खामोश क्यों है?

http://twocircles.net/2014apr08/maharashtra_police_discovers_bomb_making_factory_kolhapur_4_men_arrested.html#.U0O5MaiSxQy

#01adi

Aaj Ki Bat !

जब से मैंने कोबरापोस्ट का स्टिंग "आपरेशन जन्मभूमि" देखा है, तब से ज़हन मे बार बार एक ही वाक्य गूंज रहा है ......"कुछ लोग जब तक नहीं मरेंगे तब तक ये आंदोलन आगे नहीं बढ़ सकेगा ....."

यदि इनकी यही कार्यशैली है तो फिर इस आशंका को बल मिलता है कि इसी प्रकार की साजिश का शिकार साबरमती एक्सप्रेस मे अयोध्या से कारसेवा कर के लौट रहे कारसेवक भी बने, और देश को दंगों की आग मे झोंकने के लिए अपने ही लोगों द्वारा मार डाले गए

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार :
गोधरा मे हुए ट्रेन अग्निकांड से पहले बोगी-6 मे सवार कार सेवक जगह जगह मार पीट और तोड़ फोड़ करते हुए आए थे (गोधरा से पहले दाहोद स्टेशन पर एक स्टाल वाले की दुकान मे इन कार सेवकों ने तोड़ फोड़ की थी जिसकी NCR वहाँ थाने मे दर्ज की गई थी)
गोधरा स्टेशन पर इन कार सेवकों ने एक मुस्लिम लड़की को गलत इरादे से खींच कर ट्रेन मे बंधक बना लिया था और बोगी के सारे खिड़की दरवाजे बंद कर लिए थे
लड़की को छुड़ाने के लिए लोगों ने बाहर से बोगी पर पत्थर भी मारे ...... लेकिन ट्रेन मे बाहर से आग लगाई गई सबूत इस बात के विरुद्ध हैं ..... सबूत बताते हैं कि आग लगाने की तैयारी बोगी मे पहले से कर के रखी गई थी 

सितंबर, 2004 में तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज यूसी बनर्जी की अध्यक्षता में गोधरा कांड की जांच के लिए एक सदस्यीय जांच समिति का गठन किया ।
समिति ने माना कि गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस की एस-6 बोगी में आग अंदर से लगी थी। आयोग ने कहा कि आगजनी के वक्त ट्रेन जहां खड़ी थी, वहां से इसकी बोगियों में बाहर से आग लगा पाना संभव नहीं था ।

उस समय इण्डिया टाइम्स मे छपी रिपोर्ट बताती है कि जिस जगह ट्रेन उस वक्त खड़ी थी, वहां ट्रेन की खिड़कियां जमीन से 7 फुट ऊपर थीं और जैसा दावा किया गया है कि ट्रेन पर केन और बाल्टियों को भर भर कर पेट्रोल फेंका गया, तो इस तरह तो ट्रेन के अन्दर से ज्यादा पेट्रोल ट्रेन की बाहरी दीवारों और ट्रैक पर गिरता और आग रेलवे ट्रैक पर भी लग जाती ....... लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं हुआ

आप जली हुई ट्रेन की कोई भी फोटो देख लीजिए ट्रेन की खिड़कियों से आग बाहर आती दिखाई देगी , जिससे ही स्पष्ट हो जाता है कि बोगी मे आग अन्दर से लगी थी

खिड़कियों से नीचे का थोड़ा सा ही हिस्सा आग से प्रभावित हुआ है ट्रेन के बाहरी भाग के निचले हिस्से मे बिल्कुल आग नहीं लगी थी .... जबकि अगर बाहर से पेट्रोल फेंका गया होता तो वो बहकर नीचे आया होता और ट्रेन के निचले बाहरी हिस्से मे भी आग लगी होती

जबकि आग लगने के साथ ही बोगी अन्दर से पूरी तरह जल गई थी ये तभी सम्भव था जबकि पेट्रोल या कोई भी ज्वलनशील पदार्थ अन्दर से डाला गया हो , 
बोगी के अन्दर उस समय बाहर से पेट्रोल भी नहीं डाला जा सकता था क्योंकि बोगी के सारे दरवाजे खिड़कियां अन्दर से बंद कर ली गई थीं
इन सब बातों का सीधा सा अर्थ निकलता है कि बोगी मे सवार कार सेवकों को पहले से उकसाया गया था कि गोधरा स्टेशन पर एक मुस्लिम व्यक्ति की चाय की दुकान है उसकी लड़की को उठा लिया जाए । जबकि उसके बाद की योजना के बारे मे बोगी मे सवार कारसेवको को भी नहीं पता था कि उनको जला कर मार डालने की साजिश की गई थी
बोगी मे मौका देखकर सम्भवत: रिमोट से आग लगा दी गई और पहले से तय योजना के तहत बोगी मे आग लगते ही पूरे गुजरात मे विहिप और RSS के नेताओं ने हिन्दुओं को मुसलमानों के खिलाफ भड़काना शुरू कर दिया जगह जगह मुसलमानों की हत्याएं करने लगे

जबकि अचानक इस तरह की खबरें मिलने पर वस्तुस्थति समझने मे ही काफी वक्त लग जाता है, मौके पर क्या हुआ क्या नहीं ये ही पता नही लग पाता और इन्सान क्या करे वो अचानक समझ नहीं पाता लेकिन पूरे गुजरात मे जिस तरह विहिप आदि तत्काल हरकत मे आए उससे स्पष्ट है कि ये अग्निकांड विहिप द्वारा ही करवाया गया था ।

और ऐसे दस्तावेज भी मौजूद हैं जिनसे प्रमाणित होता है कि केवल विहिप, RSS ही नही बल्कि इस साजिश मे गुजरात प्रशासन भी शामिल था, क्योंकि ट्रेन जलने के फौरन बाद विहिप RSS द्वारा लोगों को भड़काने की सारी हरकतों की सूचनाएं पूरे गुजरात की पुलिस द्वारा प्रशासन को भेजी गईं लेकिन प्रशासन ने इन पर काबू पाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया, रोकने के प्रयास तो दूर, उल्टे VHP और Rss के भड़काऊ कार्यक्रमों को ही प्रशासन ने पूरा समर्थन दिया जिससे पूरे गुजरात मे दंगे भड़के ।

Tuesday, April 8, 2014

Aaj Ki Bat !

एक साधारण आम इंसान ....जो एक प्रदेश पूर्व मुख्यमंत्री है बीच सड़क पर आम आदमी कि तरह घूमता है..
विरोधियों से थप्पड़ घूंसे खाता है .....फिर भी कोई सुरक्षा नहीं लेता 
और न ही उसकी हिम्मत और हौसले में कहीं कोई कमी दिखती है ....
एक """नर पिशाच क्रिमिनल""" जो जेड पल्स सिक्यूरिटी में रहता है ..डेढ़ सौ करोड़ के बुलेट प्रूफ आफिस में बैठता ....!!!!
अपनी मौत से ऐसा डरता है कि कभी """उनीस साल कि लड़की"" को फ़र्ज़ी एनकाउंटर करवा के सहानुभूति बटोरता है और कभी
बेकसूर युवक उसकी जान लेने कि योजना के नाम पर जेल में ठूंस दिए जाते हैं ...!!!
इस """"आम आदमी और नर पिशाच क्रिमिनल""" के बीच का मूल अंतर ये है 
कि आम आदमी बिलकुल आम आदमी कि तरह व्यवहार करता है और जनहित कि बात करता है ..
और नरपिशाच क्रिमिनल हज़ारों के मेकअप और लाखों के कपडे पहन कर दस लाख रूपये प्रतिदिन हेलीकाप्टर खर्च से उड़ते हुए करोड़ों के मंच पर केवल अपने संघी गंदे खून का असर दिखाता है और लंफटबाज़ी करता है .......!!!!!

Admin 02

Aaj Ki Bat !

80 सीटें हैं लोकसभा की उत्तर प्रदेश में लेकिन भाजपा को एक भी मुस्लिम उम्मीदवार नहीं मिला इन सीटों पर चुनाव लड़ने के लिये, और आप कह रहे हैं भाजपा विरोधी नहीं है, आखिर कैसे ? जवाब दीजिये तथाकथित भाजपाईयों, राष्ट्रावादियों, हिदुत्व के ठेकेदारों जवाब दो जिस प्रदेश में 18 प्रतिशत मुस्लिम आबादी हो वहां पर भी भाजपा ने किसी मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट न देकर किसका विरोध किया है ? जो पार्टी देश के संसाधनों, देश की राजनीति में मुस्लिमों को हिस्सेदार ही न मानती हों वह केवल मुस्लिम विरोधी नहीं बल्कि देश विरोधी है। और शाहिद सिद्दीकी, जफर सुरेश वाला, फर्जी मौलाना सुहेब कासमी कहते हैं कि भाजपा मुस्लिम विरोधी नहीं, जरा उनसे कोई मालूम करे जिसने मुसलमानों को हिस्सेदार ही न माना हो वह आखिर किसकी विरोधी है ? और मीडिया वालो तुम दाढ़ी टोपियों, वालों से तो मालूम कर रहे हो कि तुम भाजपा को वोट क्यों नहीं देते, कभी भाजपा के तथाकथित राष्ट्रवादियों से भी मालूम करते हो कि तुमने मुस्लिमो को चुनाव में उम्मीदवार क्यों नहीं बनाया। लानत है तुम्हारी ऐसी गटर छाप मानसिकता पर, कायर हो तुम जो नौकरी के छिन जाने की वजह से सच्चाई का गला घोंट रहे हैं। सुनो कान खोलकर सुनो
आज थम गया प्रचार
अब मिलेंगे भाई चार
एनडीए होगा बेकार
नहीं बनती मोदी सरकार

Aaj Ki Bat !

कुछ लोग बड़े उतावले हो रहे है ..की कब मोदी पीएम बने और दंगे फसाद करने का खुल के मौक़ा मिले .......

क्यों की कुछ लोग मोदी को सिर्फ इसलिए देश का पीएम बनाना चाहते है ..क्यों की उसने गुजरात में हजारो मुस्लिम की ह्त्या और बलात्कार करवाए ....

वरना इस मोदी का ऐसा कोई कारनामा नहीं है जिस से देश को कोई फायदा हवा हो ....


Aaj Ki Bat !

आज अमर उजाला मे सामाजिक कार्यकर्ता और आईआईटी, दिल्ली से संबद्ध रितिका खेड़ा जी का आलेख छपा है, रितिका जी ने बताया कि गुजरात हमेशा से एक अग्रणी राज्य रहा है, और गुजरात का विकास मोदी युग की देन नहीं, बल्कि 80 के अंत और 90 के दशक मे कॉन्ग्रेस की सरकारों के समय ही गुजरात का विकास चरम पर था ॥
लेखिका का बचपन और युवावस्था के आरंभिक वर्ष गुजरात मे कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेते हुए खुले और स्त्रियों के लिए अति सुरक्षित माहौल मे गुजरा .... 
स्पष्ट है तब कोई "मोदी राज" नही था ।
गुजरात की एक बड़ी दौलत साम्प्रदायिक सौहार्द भी थी जो सौहार्द 2002 के बाद लोगों मे बाकी नहीं रहा
इसी परिप्रेक्ष्य मे उमा भारती जी का "विनाश पुरुष" वाला बयान सुनिए और बताइए कि बीते 12 सालों मे गुजरात ने कुछ पाया है या केवल खोया ही खोया है ???

Aaj Ki Bat !

इस बार ''NOTA'' दिया है उसके बारे में तो सब जानते ही होंगे पर एक और तथ्य सामने आया है वो शायद आप लोगो को न पता हो अगर किसी क्षेत्र से चार प्रत्याशी खड़े हो 

B
C
अगर B को सबसे ज्यादा वोट पड़े यानी 2 लाख 
पर अगर ''NOTA'' को 3 लाख वोट पड़े तो वहाँ का चुनाव रद्द किया जायेगा मतलब जनता ने अगर ''NOTA'' को ज्यादा सेलेक्ट करती है तो वहाँ दोबारा चुनाव होगा और वो प्रत्याशी दोबारा उस क्षेत्र से चुनाव नहीं लड़ सकते है...ये जनता के लिए चुनाव आयोग का एक अच्छा कदम ...

Aaj Ki Bat !

✪भ्रष्टाचार में धूम मचाने वाला कर्नाटक
का पूर्व भ्रष्टाचारी मुख्यमंत्री बीएस
येदयुरप्पा नरेंद्र मोदी के साथ...

✪भ्रष्टाचार की कंपनियाँ चलाने
वाला नितिन गड़बड़ी नरेंद्र मोदी के
साथ...

✪टोल टैक्स मांगने पर कर्मचारियों पर बंदूक
तानने वाला पोरबंदर से पूर्व
कांग्रेसी सांसद विट्ठल राडाड़िया नरेंद्र
मोदी के साथ...

✪फर्जी एनकाउंटर और महलाओं
की जासूसी करवाने वाला अमित शाह
नरेंद्र
मोदी के साथ...

✪450 करोड के मछली घोटाले का करने
वाला पुरषोतम सोलंकी नरेंद्र मोदी के
साथ...

✪खनन घोटाले में 3 साल की सजा पाने
वाला बाबूलाल बुखारिया नरेंद्र मोदी के
साथ...

✪आरटीआई एक्टिविस्ट अमित जेठवा मर्डर
केस में शामिल दीनू सोलंकी नरेंद्र मोदी के
साथ...

✪बोकारो स्टील प्लांट में कथित
भर्ती घोटाले में शामिल लोजपा प्रमुख
रामविलास पासवान नरेंद्र मोदी के
साथ...

✪शिक्षकों की भर्ती संबंधी घोटाले में जेल
की सजा पा चुका इंडियन नेशनल लोकदल
प्रमुख ओम प्रकाश चौटाला नरेंद्र मोदी के
साथ...

✪लालू यादव का बेहद करीबी रह
चुका रामकृपाल नरेंद्र मोदी के साथ...
✪मुजफ्फरनगर दंगों के चार आरोपी सुरेश
राणा, हुकुम सिंह, संगीत सोम और भारतेंदु
सिंह नरेंद्र मोदी के साथ...

✪एमएनएस के दंगाई गुंडे नरेंद्र मोदी के साथ...

✪शिवसेना के दंगाई गुंडे नरेंद्र मोदी के
साथ...

✪भाजपा के दंगाई गुंडे नरेंद्र मोदी के साथ...

ये भ्रष्टमोदी-भाजप ा- शिवसेना-एमएनएस
के दंगाई गुंडे देश का कुछ
भला नहीं कर सकते !!!
अब ये लोग मिलकर भारत का कैसा विकास
करना चाहते हैं आप सोच सकते हैं...कांग्रेस से
भी बड़ा भारत भ्रष्टाचार निर्माण करने के
लिए टीम तैयार है मोदी बीजेपी की...ऐसे
लोग देश का कुछ भला नहीं कर सकते...संभल
जाओ जनता, जागो...इस बार देश के नाम
वोट
दो...इस बार .."आप" के सांसद चुनकर
संसद में भेजो...इस बार अपने सांसद चुनकर
संसद में भेजो... !!!

#01adi

Aaj Ki Bat !


कांग्रेस 

आज़ादी के बाद से सत्ता में रही, इसकी नाक के निचे मुस्लिम विरोधी विचारधारा अपनी व्यापकता को बढाती रही, इस विचारधारा ने दंगे करवाये, मुस्लिमो का कत्ले आम किया, मुस्लिमो को बर्बाद कर दिया, और कांग्रेस के नेता मुस्लिमो कि जली हुई बस्तियों में घड़ियाली आंसू बहाने से ज्यादा कुछ नहीं कर पाये, कहाँ से शुरू करू और कहाँ ख़त्म, बीजेपी खुलकर मुस्लिमो का विरोध करने पर भी उतना नुक्सान नहीं कर पाई हैं जितना कांग्रेस ने छिप कर मुस्लिमो को नुक्सान पहुँचाया हैं, 

जो मुस्लिम मोदी को रोकने के लिए कांग्रेस का साथ देने कि कह रहे हैं क्या वो बता सकते हैं के कांग्रेस किस तरह से बीजेपी से कम हैं खासतौर से मुस्लिमो के मुआमले में 

अंध विशवास ने ही आज मुस्लिमो कि हालत ये कर दी हैं सोचसमझ कर वोट दे

Aaj Ki Bat !

बीजेपी का विरोध करना मुसलमानो कि मज़बूरी हैं तो कांग्रेस का विरोध करना समझदारी … 

बस बहुत हुआ अब मुसलमान इस देश कि राजनैतिक चौसर का गुलाम नहीं रहने वाला, जब तक मुसलमान राजनैतिक रूप से खुद के पैरो पर खड़ा नहीं होगा तब तक ये राजनीति के टुच्चे खिलाडी उसे फूटबाल समझ कर अपने फायदे नुक्सान के लिए लात मारते रहेंगे और मुसलमान हर नेता के सामने हाथ जोड़कर भीख मांगता नज़र आएगा, पिछले 10 साल से कांग्रेस सरकार में रही हैं क्या वो चाहती तो गुजरात दंगो के अपराधियो पर दोष सिद्ध नहीं कर सकती , पिछले 10 साल में क्या आतंकवाद के नाम पर श्रीलंका कि पुलिस ने बेकसूर भारतीय मुस्लिम नौजवानो को जैलो में भरा हैं, क्या 10 साल में सच्चर और रंगनाथन कमेटी कि रिपोर्ट को लागू नहीं कर सकती थी, मुजफ्फरनगर दंगो के बाद जाटो को खुश करने के लिए आरक्षण दिया जाता हैं और मुस्लिमो को बाबा जी का ठुल्लु, बीजेपी मुस्लिमो के कातिलो को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार बनाती हैं और मुस्लिमो कि धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने वाले चुनाव प्रचार करती हैं और कांग्रेस कि तरफ से उसे मौन समर्थन, ये दोनों ही राजनैतिक दल मुस्लिमो के खुले विरोध में हैं, अब मुस्लिमो को तय करना हैं के उन्हें क्या करना हैं, एक समय में दलित राजनैतिक रूप से मुस्लिमो से भी कमज़ोर स्थिति में थे मगर आज दलित राजनीती के चलते कोई दलितो कि तरह आँख उठाकर भी नहीं देख सकता, और मुस्लिमो कि हालत ऐसी हैं के उनकी बस्तियों में आये दिन कोई कुत्ता भौक के चला जाता हैं और मुस्लिम कुछ नहीं कर पाते

Aaj Ki Bat !

अमित शाह पर दो दो एफआईआर हो गयी हैं लेकिन अभी तक गिरफ्तार नहीं हुआ इमरान मसूद एक आपत्तिजनक बयान देता है तो तुरंत कार्रवाही होती है

''लोकतंत्र'' और ''कानून'' के बारे में यदि कोई कहे की ''इसकी नज़रों में सभी समान होते हैं'' तो इससे बड़ा कोई झूठ नहीं

''लोकतंत्र'' तो सिर्फ संख्याबल है यानी यह बहुमत का खेल जिसकी संख्या कम उसकी कोई सुनने वाला नहीं उस पर सभी तरह के अत्याचार सही माने जाते हैं

Monday, April 7, 2014

Aja ki Bat !

मुस्लिम इस देश में करीब 20 से लेकर 25 फीसदी तक हैं या इससे भी ज्यादा हो सकते हैं मगर इस देश में कभी मुस्लिमो कि आबादी को लेकर कोई आधिकारिक आकड़े नहीं हैं, अब जरा गौर करते हैं देश कि दूसरी धर्म अथवा जाती आधारित व्यवस्था कि लगभग दूसरे सभी धर्म और जातियो का एक नेतृत्व हैं जो उन धर्मो और जातियो से सम्बंधित सभी प्रकार के विषयो पर काम करते हैं जिसमे राजनैतिक नेतृत्व प्रमुख हैं आप इसे आसानी से समझ सकते हैं मगर मुस्लिमो में ऐसी कोई संस्था या तंज़ीम नहीं हैं जो देश के सामने मुस्लिमो के जायज़ हको हुकूक कि लड़ाई को निर्णायक स्तर पर लड़ सके, जो मुस्लिमो के लिए राजनैतिक रूप से लड़ सके, आज पूरे देश में एक भी ऐसा मुस्लिम नेता नहीं हैं जो मुस्लिमो के साथ साथ दूसरे धर्म और जातियो के लोगो से भी जुड़ा हुआ हो, राजनैतिक पार्टियो के शो केस में कुछ मुस्लिम नामो से मिलते जुलते नेता तो हैं मगर उनकी औकात हम सबको मालूम हैं, आम चुनावो का प्रचार गम्भीर आक्रमक हो चूका हैं विकास का तूफ़ान मुस्लिम विरोध के प्रचंड भंवर का रूप में सामने आ गया हैं, लोग भारतीय संविधान और मानवता के सभी मूल्यो को तिलांजलि दे फांसीवादी बयान दे रहे हैं, और मुस्लिमो को धार्मिक रूप से भी गम्भीर आहत करने पर तुले हैं, ये चुनाव मुस्लिमो को बेइज़ज़ती कि हद तक जाके सहन करना पड़ रहा हैं, कुछ गैरतमंद मुस्लिम इस लड़ाई को लड़ भी रहे हैं मगर आम मुस्लिमो का साथ नहीं होने से उनकी आवाज़ भी इस नक्कारखाने से बहार नहीं निकल पा रही हैं, कथित मुस्लिम वोटो के ठेकेदार अपनी दाढ़ी कि लम्बाई के हिसाब से राजनैतिक दलो से दलाली करने में लगे हैं, मुस्लिमो ने 750 साल इस देश पर हुकूमत कि हैं इस मुल्क कि हिफाज़त कि हैं, इस मुल्क के लिए कुर्बानियां दी हैं, अजीम बुजुर्गो ने इस मुल्क को अपना ठिकाना बनाया हैं, आज वाही मुस्लिम इस मुल्क में अपने हको हुकूक और हिफाज़त के लिए तरस रहा हैं, 

साफ़ साफ़ कहता हूँ जब तक मुसलमान खुद अपनी आवाज़ नहीं उठाएगा तब तक इस मुल्क में इसी तरह जुल्मो गारत का शिकार होता रहेगा, किसी एक को चुन लो अपना लीडर जो हर जगह मुसलमानो के जायज़ हको हुकूक और हिफाज़त के लिए मोहल्ले से लेकर संसद तक मज़बूती के साथ लड़ सके और न सिर्फ मुसलमानो के लिए बल्कि इस मुल्क के हर एक मज़लूम के लिए लड़ सके और इन्साफ दिला सके, कब तक इन दलालो के हाथो कौम के मुस्तकबिल को बेचते रहोगे, एक हो जाओ एक को चुन लो अल्लाह कोशिश करने वालो के साथ हैं

Aaj Ki Bat !

अरबी उर्दू की किताबे जलाने वाले अब उर्दू के प्रसार की बात कर रहे है ....

मदरसों में आतंकवादीवादी बनते है कहेने वाले ..अब मदरसों का आधुनिकरण करने की बात कर रहे है ....

कमाल के गिरगिट है यार .....इनका रंग बदलता देख ...गिरगिट भी शर्म से मर जाए ......

Aaj Ki Bat !

आप सड़क से लेकर संसद तक मुस्लिमो का विरोध करते हो, मुस्लिम मोहल्ले में एक नाली भी बने तो आप उसे मुस्लिम तुष्टिकरण कि पराकाष्ठा बताकर आसमान सर पे उठा लेते हो, आप विभिन्न संघठनो के जरिये आम जनता को देश के गद्दार के रूप में मुस्लिमो को ठहराते हो, आप समाज में दंगो का जहर फैलाकर मुस्लिमो को क़त्ल करते हो, बलात्कार करते हो, उनके घर दूकान जला देते हो, उन्हें सड़क पर ले आते हो, और इन सबके जिम्मेदार लोगो को राष्ट्रिय गौरव बनाकर प्रधानमंत्री का उम्मीदवार बनाते हो, इन्साफ के नाम पर मुस्लिमो को धमकाते हो और चुनाव के वक़्त लच्छेदार बाते कर उनके वोट हासिल करना चाहते हो 

आप धन्य हो और साथ ही धन्य हैं वो लोग जो मुस्लिमो का सड़क पर बहता खून देखकर इस मुल्क कि तरक्की कि पराकाष्ठा देखते हैं धन्य हैं वो पुलिस और अदालते जिनके फैसले मजहब के आधार पर होते हैं और धन्य हैं वो हर एक आम आदमी जो इन्हे वोट डालता हैं

Aaj Ki Bat !

कई दिनों से देख रहा हूँ कि भाजपा समर्थक न जाने कहाँ कहाँ से उलटी सीधी पोस्ट उठा लाते हैं कि कोंग्रेस ने ये घोटाला किया मुलायम ने ये घोटाला किया ,माया ने ये घोटाला किया इस लिए आजक आप को भाजपा कि सूरत दिखा रहा हूँ। 
नजर डालते हैं भाजपा के घोटाले की लिस्ट पर:
1. कारगिल ताबूत घोटाले
2. कारगिल उपकर दुरूपयोग घोटाला
3. दूरसंचार प्रमोद महाजन - घोटाले (रिलायंस)
4. अरुण शौरी निजी खिलाड़ियों को बेलआउट पैकेजयूटीआई
घोटाले
5. साइबरस्पेस इन्फोसिस लिमिटेड घोटाले
6. पेट्रोल पंप और गैस एजेंसी आवंटन घोटाले
7. जूदेव घोटाले
8. सेंटूर होटल में डील
9. दिल्ली भूमि आवंटन घोटाले
10. हुडको घोटाले
11. राजस्थान में Landscams (राजे)
12. बेल्लारी खनन और रेड्डी ब्रदर्स
13. मध्य प्रदेश में कुशाभाऊ Thackre ट्रस्ट घोटाले
14. कर्नाटक में भूमि आवंटन (येदियुरप्पा)
15. पंजाब रिश्वत मामले
16. उत्तराखंड पनबिजली घोटाले
17. छत्तीसगढ़ खानों में भूमि घोटाले
18. पुणे भूमि घोटाले (मुंबई भाजपा अध्यक्ष शामिल)नितिन
गडकरी -
19. . उत्तराखंड में गैस आधारित पावर प्लांट घोटाले
20. फर्जी पायलट घोटाले :सुधांशु मित्तल और विजय कुमार
मल्होत्रा
21. अरुण शौरी द्वारा वीएसएनएल विनिवेश घोटाला
22. अरविंद पार्क लखनऊ घोटाले
23. आईटी दिल्ली प्लॉट आबंटन घोटाले
24. चिकित्सा प्रोक्योर्मेंट घोटाले - सी पी ठाकुर
25. बाल्को विनिवेश घोटाले
26. जैन हवाला मामले लालकृष्ण आडवाणी

Sunday, April 6, 2014

Aaj Ki Bat !

 चुनावों में इस बार

कुल वोटर: 81.4करोड़ 

पुरुष: 42.6करोड़

महिला: 38.7करोड़ 

अन्य: 28,341

नए वोटर: 2.3 करोड़

केंद्रों की संख्या : 9,30,000

Aaj Ka Pegam 📣


Aaj Ki Bat !


बाबरी मस्जिद की शहादत का जिक्र पहले जब भी आता था हमारा दिल दुख से भर जाता था और हम बड़े मलाल से मजाज़ सुल्तानपुरी साहब का शेर पढ़ के रह जाते थे -

"अबरहा ढाता रहा तेरा मकां, तू चुप रहा ।
क्यों नही भेजा अबाबीलो का लश्कर ऐ ख़ुदा ॥"

लेकिन जब से बाबरी को शहीद करने मे अगुवा रहे योगेन्द्र पाल और उनके दोस्त पूर्व शिवसेना युवा शाखा अध्यक्ष बलबीर सिंह जी की आपबीती पढ़ी तो ये सोच कर दिल को एक सुकून सा,मिल गया कि अल्लाह हम बन्दो से बेखबर नहीं वो दीन की भी हिफाज़त करता है और दीन वालों की भी, और अल्लाह जिसको जिस बात से चाहे हिदायत अता फरमा दे

6 दिसम्बर 1992 को बलबीर और योगेन्द्र ने बड़े जोश खरोश से मस्जिद की शहादत मे हिस्सा लिया था, फिर योगेंद्र ने बाबरी मस्जिद की दो ईंटें लाकर रखीं और माईक से एलान किया कि राम मन्दिर पर बने ढाँचे की ईंटें सौभाग्य से हमारे तकदीर में आ गयी हैं। सब हिन्दू भाई आकर उन पर पेशाब करें। फिर किया था, भीड लग गयी। हर कोई आता था और उन ईंटों पर हिकारत से पेशाब करता था।

मस्जिद के मालिक को अपनी शान भी दिखानी थी। चार पाँच रोज़ के बाद योगेंद्र का दिमाग खराब हो गया। पागल होकर वह नंगा रहने लगा, उस पागलपन में वह बार-बार अपनी माँ से गंदे जज्बे से लिपट जाता।
उस के वालिद बहुत परेशान हुए। बहुत इलाज करवाया लेकिन योगेन्द्र का पागलपन और ही बढ़ता चला गया। एक रोज़ योगेन्द्र के बाप बाहर गए, तो उसने अपनी माँ के साथ गंदी हरकत करनी चाही। मां ने शौर मचाया। मौहल्ले वाले आये तो जान बची। उस को जन्जीरों में बाँध दिया गया। योगेंद्र के वालिद इज्जत वाले आदमी थे, थक हार के उन्होंने उसको गोली मारने का इरादा कर लिया

उस वक्त उन्हे किसी ने सोनीपत की मस्जिद मे आने वाले बड़े मौलवी जी के बारे मे बताया की उन की दुवा मे बड़ी तासीर है वो जरूर आपके बेटे को ठीक कर देंगे, उसी बातचीत मे चौधरी साहब ने ये फैसला कर लिया कि अगर योगेन्द्र ठीक हो गया तो वो इस्लाम कुबूल कर लेंगे

कुछ दिन बाद चौधरी साहब योगेन्द्र को ले कर मौलवी साहब से मिलने पहुंचे योगेन्द्र उस वक्त भी नंग धड़न्ग, जन्जीरो मे बंधे हुए थे 
चौधरी साहब ने मौलाना साहब से रो रो के अपनी मुसीबत बयान की .. मौलाना साहब ने कहा खुदा का घर गिरा कर इन्होंने बहुत बड़ा गुनाह कर डाला है, । अब हमारे बस में कुछ भी नहीं है। बस यह है कि आप भी और हम भी उस मालिक के सामने गिडगिडाएँ और माफी माँगे
मौलाना साहब ने कहा, जब तक हम मस्जिद में प्रोग्राम से फारिग हों आप अपने ध्यान को मालिक की तरफ लगाकर सच्चे दिल से माफी और प्रार्थना करें कि मालिक मेरी मुश्किल को आपके अलावा कोई नहीं हटा सकता।

मौलाना साहब मस्जिद में गये नमाज़ पढ़ी, थोडी देर तकरीर की और दुआ की। मौलाना साहब ने सभी लोगों से चौधरी साहब के लिए दुआ को कहा, प्रोग्राम के बाद मस्जिद में नाश्ता हुआ, नाश्ते से फारिग होकर मसिजद से बाहर निकले तो मालिक का करम कि योगेंद्र ने अपने बाप की पगडी उतारकर अपने नंगे जिस्म पर लपेट ली थी और ठीक-ठाक अपने वालिद से बात कर रहा था। सब लोग बहुत खुश हुए। 

चौधरी साहब को इस्लाम कुबूल करने का अपना वादा याद था ... जब वो अपने फैसले पर अमल करने चले तो योगेन्द्र ने पूछा ‘‘पिताजी कहाँ जा रहे हो? तो उन्होंने कहा, मुसलमान बनने’’। तो योगेन्द्र ने कहा ‘‘मुझे आप से पहले मुसलमान बनना है और मुझे तो बाबरी मस्जिद दोबारा जरूर बनवानी है। और इस तरह दोनो लोग कलमा पढ़ के मुसलमान हो गए, वालिद साहब का मुहम्मद उस्मान और बेटे का मुहम्मद उमर नाम रखा गया 

उधर मस्जिद शहीद करने के बाद से बलबीर ज़हनी तौर पर बहुत परेशान रहे उनके नेक सीरत बाप जिन्होंने हमेशा बलबीर को मस्जिद गिराने से रोका था उन्होने बलबीर को बाबरी शहीद किए जाने के बाद गुस्सा हो कर घर से निकाल दिया था फिर कुछ दिन बाद बलबीर के पिता जी का निधन भी हो गया लेकिन बलबीर को खबर न की गई क्योंकि बलबीर के पिता ने वसीयत की थी बलबीर मेरी लाश को हाथ न लगा पाए
बलबीर को अपने पिता की मौत से बहुत धक्का पहुचा, वो अपने बाप की मौत का जिम्मेदार खुद को मानने लगे हर वक्त किसी अनहोनी का डर बलबीर को सताने लगा

इसी बीच बलबीर की मुलाकात अपने साथी योगेन्द्र से हुई जो उस वक्त तक मोहम्मद उमर बन चुके थे ... अपने दोस्त की आपबीती जानकर बलबीर के दिल पर गहरा असर पड़ा, और बलबीर ने भी उसी वक्त इस्लाम कुबूल करने का फैसला कर लिया और एक दिन मस्जिद मे जा कर मोहम्मद आमिर बन गए

आज की तारीख मे ये दोनों दोस्त भारत मे वीरान पड़ी मस्जिदों को आबाद कराने और जहाँ जरूरत के बावजूद मस्जिद नहीं हैं वहाँ मस्जिदों की तामीर कराने के काम मे दिलो जान से लगे हुए हैं 

अल्लाह पाक इन दोनों को जज़ा ए खैर अता फरमाए... और हम सबको नेक अमल की तौफीक अता फरमाए ॥ आमीन

http://www.youtube.com/watch?v=xEgbrq_wdO0

Admin 02

Aaj Ki Bat !

बीजेपी और नरेन्द्र मोदी कि अंधभक्तों के पास इस सवाल का एक ही जवाब है और वो है "नमो नमो", "हर हर मोदी, घर घर मोदी" और "अबकी बार मोदी सरकार"! क्युकी ये लोग अंधभक्त है! 

अगर अंधभक्त न होते तो अपनी पार्टी और नेता से ये ज़रूर पूछते कि जिस कांग्रेस और अशोक गहलोत के खिलाफ राजस्थान विधानसभा चुनावों के पहले आपने "ब्लैक पेपर" निकालकर 3.4 लाख करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया, उसी अशोक गहलोत को आप हाई कोर्ट में जाकर क्लीन चिट कैसे दे रहे हो? आपको ये 3,40,000,0000000 रुपये "जीरो लोस" कैसे लग रहे है? आखिर आपके मुह पर इसमें से मुह बंद करने के लिए कितने करोड़ फेंके गए है?

अगर ये लोग अंधभक्त न होते तो अपनी पार्टी से ये जरूर पूछते कि आपने जिस रोबर्ट वाड्रा और अशोक गहलोत को चुनावों के पहले कोसा और गलियां दी, उनके खिलाफ बहुमत कि सरकार बन जाने के इतने दिन बाद भी एक भी FIR क्यों नहीं दर्ज कि?

अगर ये लोग अंधभक्त न होते तो बीजेपी से ये ज़रूर कहते कि सीखो अरविन्द से कुछ, जिसने अल्पमत कि सरकार होने के बाद भी शीला दीक्षित के खिलाफ तीन और केंद्र मंत्री वीरप्पा मोइली और मुकेश अम्बानी तक के खिलाफ FIR दर्ज की है!

शर्म आनी चाहिए इस देश कि मीडिया को जो आम आदमी को ऐसे ख़बरों से वंचित रखती है, जिनके सामने आने पर बीजेपी और कांग्रेस के पति पत्नी का रिश्ता पूरी दुनियां में उजागर हो जाये.