Sunday, March 15, 2015

लखवी और माया कोडनानी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं मगर तथाकथित राष्ट्रवादी कुमार विश्वास और तथाकथित राष्ट्रवादियों की जमात भाजपा को सिर्फ लखवी की जमानत से दिक्कत है। माया तो उनके राष्ट्रवाद की भट्ठी से निकली वह बहादुर महिला है जिसकी अगुवाई में सौ से अधिक लोग जिंदा जलाये गये थे। तुम माया कोडनानी की जमानत हज्म कर लेते हो तो तुम्हे यह बिल्कुल भी नही कि तुम अपने मुंह से लख्वी की जमानत पर छाती कूटो । दौगले हो तुम और दौगला व ढोंगै है तुम्हारा यह राष्ट्रवाद। पहले अपने घर का कूडा तो साफ कर लो ।

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