लखवी और माया कोडनानी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं मगर तथाकथित राष्ट्रवादी
कुमार विश्वास और तथाकथित राष्ट्रवादियों की जमात भाजपा को सिर्फ लखवी की
जमानत से दिक्कत है। माया तो उनके राष्ट्रवाद की भट्ठी से निकली वह बहादुर
महिला है जिसकी अगुवाई में सौ से अधिक लोग जिंदा जलाये गये थे। तुम माया
कोडनानी की जमानत हज्म कर लेते हो तो तुम्हे यह बिल्कुल भी नही कि तुम अपने
मुंह से लख्वी की जमानत पर छाती कूटो । दौगले हो तुम और दौगला व ढोंगै है
तुम्हारा यह राष्ट्रवाद। पहले अपने घर का कूडा तो साफ कर लो ।
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