Sunday, July 13, 2014

Aaj Ki Baat !

एक तरफ फिलस्तीनी मारे जा रहे हैं जिनमें बूढ़े, बच्चे, जवान, सभी शामिल हैं। दूसरी ओर इनकी लाशों का मजाक उड़ाया जा रहा है इसमें मान्यता प्राप्त संघी हैं। ये प्रोफाईलों पर अधिकतर शिशू मंदिर लिखा हुआ है। ये वही लोग हैं जो बात – बात पर अलकायदा, लश्कर, जैश, इंडियन मुजाहिदीन को कौसते नहीं थकते। मगर इजरायली आतंकवाद से मरने वालों की मजाक उड़ा रहे हैं, तरह – तरह के कुतर्क देकर इन हत्याओं को तर्कसंगत ठहरा रहे हैं। एक पुलिस अधिकारी भी तीसरे दिन सिमी का हौवा ख़ड़ा करते थे मगर पिछले पांच दिनों इजरायली आतंकवाद पर उनको भी सांप सूंघ गया है। इनसे आप कैसी मानवता की उम्मीद रख सकते हैं ? यह कैसे मानवता के पुजारी हो सकते हैं ? जो मासूम बच्चों की लाश का मजाक उड़ा रहे हैं उन्हें आप आतंकवाद के किस खाने में रखोगे ? क्या ये उसी खाने में नहीं आने चाहिये जिसमें दो दिन पहले इजरायली द्वारा की जा रही बमबारी का यहूदी नागरिक लुत्फ उठा रहे थे ? आखिर ये तंज कसें भी क्यों नहीं क्योंकि जिनके आका को परवरिश इजरायल से मिलती हो वह इंसानियत की बात कहां करेंगे उन्हें तो लाशों से मतलब है और लाश भी सिर्फ मुसलमान की। क्योंकि राजनीति करनी है, क्योंकि लाशों का मजाक उड़ाकर दंगे भड़काने की तैयारी करनी है।

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